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अमेरिका की चेतावनियों के बीच रूस से भारत का तेल आयात बढ़ा, ट्रंप की टैरिफ धमकी बेअसर

India Russia Oil Import: भारत की रिफाइनरी कंपनियां इस खरीद में पूरी तरह आर्थिक पहलुओं को प्राथमिकता दे रही हैं. रूस से मिलने वाला डिस्काउंटेड क्रूड तेल मौजूदा समय में भारतीय बाजार के लिए सबसे किफायती सौदा साबित हो रहा है.

India Russia Oil Import

India Russia Oil Import: भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप देने में नाकाम रहने के बाद अमेरिका ने हाल के दिनों में लगातार भारत पर निशाना साधा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से भारत के व्यापार और कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत पर 50% टैरिफ लगा दी है. लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इन धमकियों का असर भारत की ऊर्जा रणनीति पर ज़रा भी नहीं पड़ा है.

अगस्त के पहले दो हफ्तों में भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात उल्टा बढ़ गया है. वैश्विक ऊर्जा विश्लेषण संस्था केप्लर के मुताबिक, भारत ने इस अवधि में रोज़ाना करीब 52 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा, जिसमें से 38 प्रतिशत तेल रूस से आया. यानी औसतन 20 लाख बैरल प्रतिदिन, जो जुलाई के मुकाबले चार लाख बैरल अधिक है.

भारतीय कंपनियां आर्थिक पहलुओं को दे रही प्राथमिकता

भारत की रिफाइनरी कंपनियां इस खरीद में पूरी तरह आर्थिक पहलुओं को प्राथमिकता दे रही हैं. रूस से मिलने वाला डिस्काउंटेड क्रूड तेल मौजूदा समय में भारतीय बाजार के लिए सबसे किफायती सौदा साबित हो रहा है.

इराक और सऊदी से आयात घटा

अगस्त के पहले पखवाड़े में इराक से आयात घटकर 7.3 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया. वहीं सऊदी अरब से खरीद घटकर 5.26 लाख बैरल प्रतिदिन पर आ गई. वहीं अमेरिका से भारत ने औसतन 2.64 लाख बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा, जिससे अमेरिका भारत का पांचवां सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा.

ट्रंप की पॉलिसी का असर फिलहाल नहीं

केप्लर के प्रमुख शोध विश्लेषक सुमित रिटोलिया के अनुसार, रूस से भारत का तेल आयात अगस्त में स्थिर बना हुआ है. उन्होंने कहा,

“जुलाई 2025 के अंत में ट्रंप प्रशासन द्वारा शुल्क बढ़ाने की घोषणा के बाद भी रूस से आयात में कोई गिरावट नहीं आई है. अगस्त की आपूर्ति जून और जुलाई की शुरुआत में ही तय हो चुकी थी. अगर असर दिखा तो वह सितंबर के अंत या अक्टूबर में आने वाली खेप में नज़र आएगा.”

भारत की अमेरिका को दो टूक

ट्रंप ने पहले भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, बाद में इसे 50% तक बढ़ा दिया. उनका आरोप है कि भारत रूस से भारी व्यापार कर यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है.

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वहीं भारत ने ट्रंप के इन आरोपों और टैरिफ को “तर्कहीन” बताया है. विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि भारत अपने आर्थिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा. ऊर्जा आपूर्ति के मामले में भारत किसी भी दबाव के आगे झुकने के मूड में नहीं है.

– भारत एक्सप्रेस



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