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इजरायल का ईरान पर ‘फाइनल प्रहार’; आईडीएफ का दावा- ‘कुछ ही दिनों में खत्म कर देंगे ईरान की सैन्य ताकत’

इजरायली सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह करने का अल्टीमेटम दिया है. तेल अवीव में ईरानी मिसाइल हमले में एक की मौत के बाद इजरायल ने अपने हमले और तेज कर दिए हैं. पढ़ें युद्ध की ताज़ा अपडेट.

Israel Iran Conflict

Israel Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग अब उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से वापसी का रास्ता नजर नहीं आ रहा. इजरायली सेना (IDF) ने एक बेहद आक्रामक घोषणा करते हुए दावा किया है कि आने वाले चंद दिनों के भीतर ईरान की सैन्य ताकत को घुटनों पर ला दिया जाएगा. इजरायल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने लाइव प्रसारण के दौरान साफ कहा कि उनकी सेना ईरान के सभी महत्वपूर्ण सैन्य और औद्योगिक ठिकानों को पूरी तरह तबाह करने के मिशन पर है.

ईरान की सैन्य कमर तोड़ने की तैयारी

प्रवक्ता डेफ्रिन ने हुंकार भरते हुए कहा, “हमारा मकसद ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को इस हद तक खत्म करना है कि ईरानी सरकार को उन्हें दोबारा खड़ा करने में सालों लग जाएं.” उन्होंने बताया कि इजरायल एक बहुत ही व्यवस्थित और ‘प्लान्ड’ तरीके से हमले कर रहा है. इजरायल का मानना है कि उसके पास मिडिल ईस्ट के समीकरणों को पूरी तरह बदलने का यह सबसे बड़ा मौका है.

इजरायल का ‘ऑल आउट’ अटैक

इजरायल सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगियों पर भी कहर बरपा रहा है. शनिवार सुबह यमन की ओर से इजरायल पर दागी गई मिसाइल के बाद डेफ्रिन ने चेतावनी दी कि “जो भी इजरायली नागरिकों को नुकसान पहुंचाएगा, उसे भारी कीमत चुकानी होगी.”

लेबनानी मोर्चे पर भी इजरायल को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है. सेना के मुताबिक, अब तक 850 से ज्यादा हिज्बुल्लाह लड़ाकों को ढेर किया जा चुका है. इजरायली सेना अब दक्षिणी लेबनान के उन इलाकों पर अपना कंट्रोल बढ़ा रही है, जहां से उत्तरी इजरायल की बस्तियों पर सीधा हमला किया जाता था.

तेल अवीव में तबाही

इस बीच, ईरान की ओर से किए गए हमलों ने इजरायल के भीतर भी दर्दनाक जख्म दिए हैं. शुक्रवार रात तेल अवीव के रिहायशी इलाकों में ईरान की ओर से ‘क्लस्टर म्यूनिशन’ मिसाइल दागी गई. इस हमले में एक 60 वर्षीय कंस्ट्रक्शन वर्कर की मौत हो गई, जो मिसाइल के छर्रों की चपेट में आ गया था. पुलिस और इमरजेंसी सर्विस ‘मैगन डेविड एडोम’ ने पुष्टि की है कि हमले के बाद पूरे मेट्रोपॉलिटन एरिया में सायरन बजने लगे और लोग जान बचाने के लिए बंकरों की ओर भागे.

कैसे शुरू हुआ खूनी खेल?

बता दें कि इस तनाव की शुरुआत इसी साल 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़े हमले किए थे. उसके बाद से ही ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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