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जेलेंस्की के दावे में कितना दम? अमेरिका-इजरायल-ईरान जंग में बताया रूस का ‘सीक्रेट’ रोल

US Israel Iran War Update: अमेरिका-इजरायल-ईरान जंग का आज 30वां दिन है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए इस जंग को एक बिल्कुल नया एंगल दे दिया है.

Zelensky On Russia Role In US Israel Iran War

US Israel Iran War Update: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे महायुद्ध ने पूरी दुनिया को दो फाड़ कर दिया है. लगातार जारी तनाव के बीच अब जब शांति वार्ता की सुगबुगाहट शुरू हुई है, तो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसने कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है. जेलेंस्की का कहना है कि सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी हवाई अड्डे पर ईरान ने जो सटीक और घातक हमला किया था, उसके पीछे सीधे तौर पर रूस (Russia) का हाथ है.

रूस ने ईरान को दीं सैटेलाइट तस्वीरें (Zelensky On US Israel Iran War)

एनबीसी न्यूज़ (NBC News) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने ही हमले से पहले अमेरिकी हवाई अड्डे (प्रिंस सुल्तान एयर बेस) की खुफिया सैटेलाइट तस्वीरें ईरान को मुहैया कराई थीं. जेलेंस्की ने कहा कि-

‘मुझे सिर्फ विश्वास नहीं है, बल्कि मैं पूरी तरह से जानता हूं कि मॉस्को और तेहरान आपस में खुफिया जानकारी साझा करते हैं. यह ईरानियों की मदद करना रूस के हित में है.” जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस इस महायुद्ध में ईरान की मदद कर रहा है? इस पर यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बेबाकी से जवाब दिया- बिल्कुल, सौ प्रतिशत मदद कर रहा है.’

हमले से पहले तीन बार ली गई थीं तस्वीरें ( Russia Role in US Israel Iran War)

यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के हवाले से जेलेंस्की ने बताया कि रूसी सैटेलाइट्स ने 26 मार्च के ईरानी हमले से कुछ ही दिन पहले 20 मार्च, 23 मार्च और 25 मार्च को सऊदी अरब के ‘प्रिंस सुल्तान एयर बेस’ की तस्वीरें खींची थीं. इसी सटीक जानकारी के आधार पर ईरान ने उस बेस पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे थे. इस एयर बेस पर अमेरिकी और सऊदी दोनों देशों की सेनाएं तैनात रहती हैं. एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, इस घातक हमले में कम से कम 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है.

रूसी सैटेलाइट पैटर्न का खोला राज

जेलेंस्की ने यूक्रेन युद्ध के अपने पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए रूसी सेना के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का भी खुलासा किया. उन्होंने बताया, “हम जानते हैं कि अगर रूस एक बार सैटेलाइट तस्वीर लेता है, तो वे तैयारी कर रहे होते हैं. अगर वे दूसरी बार तस्वीर लेते हैं, तो वह एक अभ्यास (Drill) का हिस्सा होता है. लेकिन अगर तीसरी बार तस्वीर ली गई, तो इसका सीधा मतलब है कि अगले एक या दो दिन में वे पक्का हमला करने वाले हैं.”

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हालांकि, इस खुफिया रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कीव को यह अति-गुप्त जानकारी कैसे मिली और इसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण भी सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन जेलेंस्की के इस नए एंगल ने अमेरिका-ईरान तनाव में ‘रूसी भूमिका’ को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.



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