7 दिन, 14 देश, अनगिनत मौतें: जल रहा है मिडिल ईस्ट!
US Israel Iran conflict: अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले शुरू किए थे. हमलों को अमेरिका ने ‘एपिक फ्यूरी’ और इजरायल ने ‘रोरिंग लायन’ नाम दिया. दोनों देशों ने सैकड़ों लड़ाकू विमानों और मिसाइलों से ईरान के सरकारी इमारतों, राष्ट्रपति आवास और सुप्रीम लीडर के दफ्तर को निशाना बनाया गया.
शिया-मुस्लिमों के लिए सबसे बड़ा सदमा यह रहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. उसी रोज ईरान के मीनाब इलाके में एक स्कूल पर हमले में 165 स्कूली लड़कियां मारी गईं. जिसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए इजरायल तथा खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे. दुबई के कुछ टूरिस्ट स्पॉट भी क्षतिग्रस्त हुए.
BharatExpress.Com यहां आज पर जानिए एक हफ्ते में इस जंग में क्या-कुछ हुआ…
ईरान का जोरदार पलटवार
दूसरे दिन अमेरिका ने ईरान की नौसेना पर हमला किया. 9 जहाज डुबोए गए और नौसेना मुख्यालय तबाह हो गया. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय को भी निशाना बनाया. ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर ड्रोन हमला किया, जिसमें 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए. इजरायल के बीत शेमेश शहर पर मिसाइल हमले में 9 लोग मारे गए.

तीसरे दिन खुले नए मोर्चे
तीसरे दिन लेबनान के हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं. इजरायल ने बेरूत पर बड़े हवाई हमले किए, जिसमें 31 लोग मारे गए. ईरान ने सऊदी अरब की रास तनुरा रिफाइनरी पर हमला किया. कुवैत में तीन अमेरिकी विमान क्रैश हुए, लेकिन अमेरिका ने इसे अपनी गलती बताया और पायलट सुरक्षित बचे.
चौथे दिन Hormuz Strait बंद
चौथे दिन अमेरिका ने बी-2 बमवर्षक विमानों से गहरे बंकरों पर हमला किया. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का ऐलान किया, जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. रियाद और कुवैत में अमेरिकी दूतावासों पर ड्रोन हमले हुए. कई शहरों में एयर डिफेंस सिस्टम लगातार काम कर रहे थे.
5वें दिन हिंद महासागर में हमला
पांचवें दिन तुर्की की ओर जा रही ईरानी मिसाइल को नाटो ने मार गिराया. हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को डुबो दिया. यह जहाज भारत से लौट रहा था और इसमें 87 नाविक मारे गए. यूरोपीय देशों ने इलाके में अपनी सेना भेजनी शुरू की.

छठे दिन आसमान में सीधी लड़ाई
छठे दिन इजरायल के एफ-35 विमान ने तेहरान के ऊपर ईरानी एसयू-35 को मार गिराया. ईरान ने फारस की खाड़ी में अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला किया. अजरबैजान के नखचिवान हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें 4 लोग घायल हुए. ईरान ने इसमें हाथ होने से इनकार किया.
सातवें दिन भी हमले जारी, ट्रंप ने शर्त थोपी
सातवें दिन इजरायल ने तेहरान और लेबनान पर बड़े हमले किए. ईरान ने तेल अवीव के रिहायशी इलाकों पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं. ईरान ने बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर मिसाइल हमला किया, जिसमें एक यूनिट में आग लगी लेकिन काबू पा ली गई. कोई घायल नहीं हुआ.

हम ईरान को ग्रेट बनाएंगे: डोनाल्ड ट्रम्प
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प का बयान आया है. ट्रम्प ने आज कहा— मैं चाहता हूं कि ईरान बिना शर्त सरेंडर करे, तभी कोई समझौता करेंगे. वहां एक नई बेहतर लीडरशिप चुनी जाएगी, हम ईरान को दोबारा ग्रेट बनाएंगे.
जंग में अब तक कितना नुकसान हो चुका?
इस जंग में अब तक ईरान में 1200 से 1300 के करीब मौतें हुई हैं. कई अस्पताल और मेडिकल सेंटर निशाना बने. पानी और बिजली की सप्लाई ठप हुई. इजरायल ने ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर तबाह किए. ईरान ने दावा किया कि कुवैत, बहरीन और यूएई में 20 अमेरिकी बेस को नुकसान पहुंचा. होर्मुज बंद होने से तेल की कीमतें 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गईं. 11 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हुईं. दुबई जैसे हब भी प्रभावित हुए हैं.
किन-किन देशों पर पड़ा जंग का असर
इस जंग से अब तक 14 देश प्रभावित हुए हैं – अमेरिका, इजरायल, ईरान, लेबनान (हिज्बुल्लाह), सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, यूएई, कतर, तुर्की, अजरबैजान, इराक, साइप्रस और कुछ यूरोपीय देश. ईरान ने कई देशों पर हमले किए. यह जंग अब क्षेत्रीय से ज्यादा वैश्विक संकट बन गई है. तेल की कीमतें बढ़ने से आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा. दुनिया नजरें इस पर टिकी हैं कि कब यह थमेगी या बड़ा युद्ध बनेगी.
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