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म्यांमार सीमा पर उग्रवाद का होगा खात्मा, पीएम मोदी के सामने म्यांमार के राष्ट्रपति ह्लाइंग ने दिया भरोसा

PM Modi ने नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर बातचीत हुई. जिसमें पीएम मोदी ने म्यांमार में सक्रिय भारत विरोधी विद्रोही गुटों का मुद्दा उठाया.

PM Modi

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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर बातचीत हुई. जिसमें पीएम मोदी ने म्यांमार में सक्रिय भारत विरोधी विद्रोही गुटों का मुद्दा उठाया. जिसपर राष्ट्रपति ह्लाइंग ने पीएम मोदी को भरोसा दिलाया कि उनके देश की जमीन भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होगी.

इस मुलाकात के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने पत्रकारों को संबोधित किया. जिसमें उन्होंने बताया कि म्यांमार के राष्ट्रपति ने भारत की चिंताओं को खत्म करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने नई दिल्ली को भरोसा दिलाया कि भारत विरोधी समूहों को म्यांमार में रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाया जाएगा.

विदेश सचिव मिस्री ने कहा,

म्यांमार में हमारी सीमाओं के पास भारतीय विद्रोही समूहों की गतिविधियों का बहुत जरूरी सवाल है और यह कुछ ऐसा है, जिसे प्रधानमंत्री ने फिर से राष्ट्रपति के सामने उठाया और राष्ट्रपति ने एक बार फिर अपना भरोसा दोहराया कि म्यांमार इन चिंताओं को लेकर संवेदनशील है और यह सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी काम करेगा कि इनके खिलाफ कार्रवाई हो और ये भारत की सुरक्षा के लिए खतरे का कारण न बनें.

सेना और जातीय हथियारबंद समूहों के बीच पिस रहा म्यांमार

म्यांमार की अंदरूनी स्थिरता पर सवालों का जवाब देते हुए मिस्री ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में सेना और जातीय हथियारबंद सूमह के बीच चल रही दुश्मनी पर जोर दिया. साथ ही म्यांमार के अधिकारियों द्वारा अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के बीच बातचीत को बढ़ावा देने की कोशिशों पर जोर दिया ताकि एक बड़ी राष्ट्रीय सहमति बन सके.

उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा का दूसरा पहलू साफ तौर पर म्यांमार सरकार की सभी जातीय हथियारबंद संगठनों और समूहों को शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश है. यह असल में यह देखने की कोशिश है कि म्यांमार में मौजूदा शासन का ढांचा या सरकार का सिस्टम कैसा है, उसमें किस तरह के बदलावों की जरूरत हो सकती है ताकि कुछ ऐसा बनाया जा सके जिसके आसपास व्यापक राष्ट्रीय सहमति हो और फिर उसी आधार पर आगे बढ़ा जा सके.

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देश के लिए जरूरी है म्यांमार

म्यांमार में शांति और स्थिरता के लिए बड़े क्षेत्रीय महत्व पर जोर देते हुए, मिस्री ने कहा कि देश में हो रहे विकास का असर न सिर्फ भारत की सुरक्षा और कनेक्टिविटी के हितों पर पड़ता है, बल्कि आसियान की एकजुटता पर भी पड़ता है, जिसका म्यांमार एक अहम सदस्य है.

-भारत एक्सप्रेस



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