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Nepal Political Crisis: ओली के इस्तीफे के 48 घंटे बाद भी अंतरिम PM का नाम तय नहीं, हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 51 मौतें, जेन-जेड और सेना की बैठक

नेपाल में जेन-जेड प्रदर्शनों में हुई मौतें बढ़कर 51 हुईं, राष्ट्रपति भवन के बाहर झड़प हुई. भारतीय पत्रकारों पर गलत रिपोर्टिंग का आरोप लगाकर किए जा रहे हमले. सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम के लिए नेताओं ने समर्थन दिया, लेकिन घोषणा नहीं हुई.

Nepal में उथल-पुथल, एयरपोर्ट बंद
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Gen Z Movement In Nepal: नेपाल में जेन-जेड आंदोलन के चलते राजनीतिक संकट बना हुआ है. भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं, जिसमें अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है और 1500 से अधिक घायल हुए हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को काठमांडू में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 19 मौतें हुईं. न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट और मंत्रियों के घरों में आग लगा दी, जिससे देश की राजधानी धुंध और आग की चपेट में है.

नेपाली राष्ट्रपति भवन (शीतल निवास) के बाहर कुलमन घीसिंग और हरका सम्पांग के समर्थक गुटों के बीच झड़प हुई, जो अंतरिम प्रधानमंत्री पद को लेकर थी. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, सेना ने शहर में गश्त बढ़ा दी है, लेकिन अवसरवादी तत्वों ने शांतिपूर्ण आंदोलन को अपहरण कर लिया है.

पत्रकारों पर हमले: IANS के कैमरामैन से धक्कामुक्की

प्रदर्शनों के दौरान भारतीय पत्रकारों के साथ बदसलूकी की घटनाएं बढ़ गई हैं. शुक्रवार को रिपब्लिक न्यूज के पत्रकार राघवेंद्र पांडेय को एक प्रदर्शनकारी ने थप्पड़ मार दिया, जबकि आईएएनएस के कैमरामैन मान पंकज के साथ धक्कामुक्की हुई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भारतीय मीडिया उनके आंदोलन को विकृत तरीके से पेश कर रहा है. गुरुवार को एक महिला पत्रकार को रिपोर्टिंग से रोका गया और बदतमीजी की गई. बीबीसी ने रिपोर्ट किया कि यह तनाव भारत-नेपाल संबंधों पर असर डाल सकता है, क्योंकि कई भारतीय पर्यटक और छात्र फंसे हुए हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, जेन-जेड युवा सोशल मीडिया पर #NepoKids जैसे हैशटैग चला रहे हैं, जो राजनीतिक परिवारों की भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हैं, और मीडिया को भी इसमें शामिल मानते हैं. इससे पहले भी, प्रदर्शनों में विदेशी पत्रकारों को निशाना बनाया गया, जिससे प्रेस फ्रीडम पर सवाल उठे हैं.

कार्की के लिए समर्थन बढ़ा, लेकिन पीएम तय नहीं

केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के 48 घंटे बाद भी अंतरिम प्रधानमंत्री का फैसला नहीं हो सका है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. काठमांडू मेयर बालेन शाह ने उनका समर्थन किया है, जो जेन-जेड के बीच लोकप्रिय हैं. हालांकि, कुलमन घीसिंग के समर्थक गुट ने विरोध जताया, जिससे राष्ट्रपति भवन के बाहर झड़प हुई. बीबीसी ने बताया कि कार्की, जो 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं, भ्रष्टाचार विरोधी छवि के कारण चुनी गई हैं.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जेन-जेड नेताओं ने कार्की को चुना क्योंकि वे राजनीतिक दलों से अलग हैं. लेकिन संवैधानिक बाधा है: राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल संसद भंग करने को तैयार नहीं. कार्की का तर्क है कि संविधान के अनुसार, गैर-सांसद को पीएम बनाने के लिए संसद भंग जरूरी है. शुक्रवार सुबह 9 बजे बातचीत फिर शुरू हुई, और रॉयटर्स के स्रोतों ने कहा कि कार्की का नियुक्ति लगभग तय है.

Nepal Gen-Z Protest

 

जेन-जेड और सेना की बैठक, अंतरिम सरकार पर चर्चा

आज सेना और जेन-जेड के बीच दूसरी बैठक जारी है, जिसमें अंतरिम सरकार और संसद भंग पर चर्चा हो रही है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जेन-जेड ने कार्की के अलावा बालेन शाह और कुलमन घीसिंग के नाम सुझाए, लेकिन सहमति कार्की पर बनी. काठमांडू पोस्ट ने बताया कि गुरुवार की बैठक में कुलमन घीसिंग का नाम प्रस्तावित हुआ, लेकिन सहमति नहीं बनी. बीबीसी के अनुसार, जेन-जेड ने कहा कि उनका आंदोलन भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ था, जो अब हटा दिया गया, लेकिन व्यापक सुधार चाहिए. सेना ने शांति बनाए रखने का आह्वान किया है, और पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने भी अपील की कि हिंसा बंद हो. न्यूयॉर्क टाइम्स ने उल्लेख किया कि यह आंदोलन नेपाल के युवाओं की निराशा को दर्शाता है, जहां बेरोजगारी और nepotism प्रमुख मुद्दे हैं. बैठक के बाद उम्मीद है कि अंतरिम सरकार का ऐलान हो जाएगा.

काठमांडू में हिंसा के बाद मलबा साफ, लेकिन चुनौतियां बाकी

नेपाल की राजधानी काठमांडू में हालात सामान्य होने लगे हैं. सेना गश्त कर रही है, दुकानें खुल रही हैं और मलबा साफ हो रहा है. बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया कि हवाई अड्डा फिर से चालू हो गया, लेकिन कर्फ्यू अभी जारी है. भारत ने विशेष उड़ानों से नागरिकों को निकालना शुरू किया; आंध्र प्रदेश के 140 लोग लौटे. कई भारतीय सोनौली और पानीटंकी बॉर्डर से वापस आ रहे हैं. दिल्ली-काठमांडू बस फंसी है, जबकि अयोध्या के 8 यात्री हिलसा में अटके. भारतीय वॉलीबॉल टीम को दूतावास ने बचाया; सदस्य उपासना गिल की वीडियो अपील वायरल हुई. एसएसबी ने नेपाल जेल से भागे 67 कैदियों को पकड़ा. गाजियाबाद के राजेश गोला की होटल आगजनी में मौत हुई. होटल कारोबार 50% गिरा, जरूरी सामान महंगे. काठमांडू पोस्ट के अनुसार, आर्थिक नुकसान अरबों में है, और जेन-जेड ने शांति की अपील की है.

PM मोदी ने हिंसा पर जताया दुख, नेपाल में स्थिरता पर जोर

भारत सरकार ने लोगों को अपनी नेपाल यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि पीएम मोदी ने हिंसा पर दुख जताया और नेपाल की स्थिरता पर जोर दिया. जेन-जेड आंदोलन ने भारतीय मीडिया पर गलत कवरेज का आरोप लगाया, जिससे तनाव बढ़ा. बीबीसी के अनुसार, सोशल मीडिया प्रतिबंध हटने से युवाओं की आवाज मजबूत हुई, लेकिन हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ाई. संयुक्त राष्ट्र ने जांच की मांग की. कुल मिलाकर, नेपाल का यह संकट जेन-जेड की ताकत दिखाता है, लेकिन स्थिरता के बिना देश और गहरा संकट में फंस सकता है. सुशीला कार्की का नेतृत्व नई उम्मीद जगाएगा, लेकिन संसद भंग पर विवाद बरकरार है.

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