ट्रंप ने दिया मदद का भरोसा
Nepal Flash Flood: नेपाल और तिब्बत की सीमा पर आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. अब तक 392 लोगों की मौत हो चुकी है और 1500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. कई सड़कें और पुल पानी में बह गए हैं. रेस्क्यू टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. लापता लोगों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
इस आपदा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गहरी चिंता जताई है. उन्होंने नेपाल को हर तरह की मदद देने की पेशकश की. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन नेपाल के नेताओं के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता भेजी जाएगी. उन्होंने इस घटना को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि वहां पानी और कीचड़ का ऐसा सैलाब था जिसे पहले कभी नहीं देखा गया. मजबूत इमारतें भी ऐसे ढह गईं जैसे वे लकड़ी की तीलियां हों.
भारत की मानवीय सहायता
फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने भी राहत कार्यों में तेजी दिखाई है. गुरुवार सुबह दिल्ली के हिंडन एयरबेस से C-17 सैन्य परिवहन विमान के जरिए 35-37 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई. इसमें खाने-पीने की चीजें, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान शामिल है. नेपाल सरकार ने इस मदद के लिए भारत का आभार जताया है.
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अंतरराष्ट्रीय सहयोग की उम्मीद
नेपाल इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है. अमेरिका और भारत की मदद से राहत कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है. रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है. आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से हालात संभलने की संभावना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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