Nepal Tunnel Missing Workers: नेपाल के त्रिशूली में आई बाढ़ के बाद टनल नंबर 3-ए की जांच पूरी कर ली गई है. नेपाल पुलिस ने बताया कि इस सुरंग में कुल 42 लोग मौजूद थे. इनमें से 2 को जिंदा बाहर निकाला गया, एक का शव मिला, जबकि बाकी 39 मजदूरों का कोई पता नहीं चल पाया है.
सुरंग में क्या हुआ?
ई-कांतिपुर की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के समय करीब 900 मजदूर सुरंग में फंसे थे. शुक्रवार को जब टनल नंबर 3-ए को खोला गया तो सेना की टीम अंदर गई और जांच की. इसी दौरान दो लोग जिंदा मिले और एक शव बरामद हुआ.
39 मजदूर कहां गए?
सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता नेत्र बहादुर कार्की ने कहा कि टनल नंबर 3-ए का रेस्क्यू अभियान फिलहाल खत्म हो चुका है. लेकिन सवाल यह है कि बाकी 39 मजदूर कहां गए. कंपनी से संपर्क किया गया है और एक बार फिर ऑपरेशन चलाने की तैयारी है. अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ शव सुरंग के गहरे गड्ढों में गिर गए होंगे.
संजय साह ने क्या कहा?
टनल से निकाले गए संजय साह का वीडियो सामने आया है. उन्होंने बताया कि जब बाढ़ का अलर्ट मिला तो उन्होंने भागने की बजाय लोगों को बचाने का फैसला किया. आखिरी वक्त में उनके साथ 25 लोग सुरंग में फंसे रह गए. संजय ने कहा कि उन्होंने लगातार महामंत्र का जाप किया और तीन-चार लोगों से आवाज के जरिए संपर्क भी बना रहा.
कहां के रहने वाले हैं संजय?
संजय साह सप्तरी जिले के रहने वाले हैं और नेपाल विद्युत प्राधिकरण में मैकेनिकल फोरमैन के तौर पर काम करते हैं. हादसे से पहले उनकी ड्यूटी टनल के कंट्रोल रूम में थी. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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आगे की कार्रवाई
नेपाल सेना और सुरक्षा बल अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बाकी मजदूर कहां गए. सुरंग बहुत लंबी है और संभावना जताई जा रही है कि बाढ़ के पानी के तेज बहाव में कई लोग अंदर की ओर बह गए होंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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