Israel Lebanon Tensions
Israel Lebanon Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच लगभग दो महीने से अधिक समय तक चली जंग को रोकने की कवायद अपने अंतिम चरण में है. दोनों देश इस जंग को हमेशा के लिए खत्म करने के लिये समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं. इसी बीच इजरायल ने कुछ ऐसा कर दिया है जिससे ये समझौता एक बार फिर अधर में लटक सकता है. दरअसल इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में सैन्य कार्रवाई के लिए इजरायली सेना को खुली छूट दे दी है.
दरअसल ईरान लंबे समय से समझौते में लेबनान में हो रहे हमले को रोका जाए. अगर ऐसा नहीं होता है और इजरायल के हमले लेबनान में जारी रहते हैं तो फिर समझौते का कोई मतलब नहीं है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) के सैनिकों को अपने खिलाफ या उत्तरी इजरायल के निवासियों के खिलाफ किसी भी सीधे या उभरते खतरे को रोकने के लिए पूरी कार्रवाई की स्वतंत्रता है.
उन्होंने कहा कि उनके और रक्षा मंत्री की ओर से आईडीएफ को दिए गए निर्देश बिल्कुल स्पष्ट हैं और उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है.
नेतन्याहू ने कहा,
दक्षिणी लेबनान में हमारे सैनिकों को अपने खिलाफ या उत्तर के निवासियों के खिलाफ किसी भी सीधे या संभावित खतरे को रोकने के लिए पूरी स्वतंत्रता है. इस मामले में आईडीएफ पर कोई प्रतिबंध नहीं है. मैं उनके साथ खड़ा हूं और पूरा देश उनके साथ खड़ा है.
उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने इस रुख पर कायम हूं कि उत्तर के निवासियों और इजरायल के सभी नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र (सिक्योरिटी जोन) में उतने समय तक बने रहेंगे, जितनी आवश्यकता होगी.
जेडी वेंस पहुंचे स्विट्जरलैंड
इससे पहले दिन में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मीडिया को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत की प्रगति के बारे में जानकारी दी.
लेबनान के मुद्दे पर वेंस ने कहा कि बातचीत में ‘काफी अच्छी प्रगति’ हुई है. उन्होंने बताया कि एक ‘डी-कॉनफ्लिक्शन मैकेनिज्म’ तैयार किया जा रहा है जिसका उद्देश्य इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच होने वाले टकराव को बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने से रोकना है.
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हम जिस व्यवस्था को ‘डी-कॉनफ्लिक्शन मैकेनिज्म’ कह रहे हैं, उसे स्थापित करने में काफी सफल रहे हैं.
ईरान-इजरायल में फिर बढ़ेगी टेंशन
जब उनसे पूछा गया कि क्या वॉशिंगटन चाहता है कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से बाहर निकल जाए, तो वेंस ने कहा, “हम चाहते हैं कि इजरायल की सुरक्षा बनी रहे और साथ ही लेबनान की संप्रभुता (सॉवरेनिटी) का भी सम्मान हो. इस विषय पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी.
ये भी पढ़ें- लाठी-डंडे लेकर बॉर्डर पर जमा हुए हजारों बांग्लादेशी घुसपैठिए, इंडियन आर्मी के कड़क तेवर देख ऐसे दुम दबाकर भागे
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के दौरान इजरायल, लेबनान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित क्षेत्रीय साझेदारों के संपर्क में बना हुआ है.
नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शनिवार को सेना को लेबनान में युद्धविराम लागू करने का आदेश दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

