OpenAI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकारी वेबसाइट्स में लगाई सेंध (इमेज- AI Generated)
AI Agents Security Breach: चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के AI एजेंट्स ने कुछ दिनों पहले हगिंग फेस की हैकिंग कर दुनिया में तहलका मचा दिया था. अब इन एजेंट्स ने ऐसा कारनामा कर दिया है जिसने एक बार फिर दुनिया को ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वो समय नजदीक आ गया है जब एआई पूरी तरह से मनुष्यों को रिप्लेस कर देगा.
दरअसल OpenAI एजेंट्स ने बिना किसी कमांड के अमेरिकी सरकार की एक वेबसाइट में छेड़छाड़ कर दी. इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC और कॉमर्स डिपार्टमेंट जैसी बेहतरीन सुरक्षा वाली वेबसाइट भी शामिल हैं. इसकी जानकारी खुद ओपन एआई ने दुनिया को दी.
हालांकि एआई एजेंट्स के इस छेड़छाड़ से किसी भी तरह के नुकसान की जानकारी से इनकार किया गया है. एआई एजेंट्स ने किसी भी तरह का नॉन पब्लिक डेटा एक्सेस नहीं किया है.
चैट जीपीटी यूजर्स की 53 तस्वीरें कर दी लीक
इसके अलावा एआई एजेंट्स ने चैटजीपीटी यूजर्स की 53 तस्वीरें लीक की. हालांकि ओपनएआई ने यह बताने से इनकार कर दिया है कि ये तस्वीरें एआई के द्वारा बनाई गई थीं या ये असली लोगों की है. कंपनी ने ये भी जानकारी साझा करने से मना कर दिया कि ये तस्वीरें कब पोस्ट की गई थीं.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक AI एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा को एक्सेस किया और उनकी कॉपी बनाकर इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया. जबकि उन्हें ऐसा करने से मना किया गया था.
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन एआई एजेंट्स ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने की कोशिश की थी. लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हो पाये.
ट्रेनिंग के दौरान हुई यह घटना
मामला सामने आने पर हड़कंप मच गया. आनन-फानन में अमेरिकी शेयर बाजार नियामक के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी प्रकार के गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया है.
वहीं शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि एजुकेशन डिपार्टमेंट के किसी भी डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
ओपन एआई ने कहा है कि यह गड़बड़ी एआई एजेंट्स की ट्रेनिंग के दौरान हुई. इस ट्रेनिंग के दौरान एआई एजेंट्स से कई कठिन सवाल पूछे गए थे. जिसकी जानकारी देने के लिए एआई मॉडल्स उन सरकारी वेबसाइट्स पर गए और वहां से सही जानकारी लाकर पेश किया. कंपनी ने इसे सामान्य रिसर्च बताया है.
बेकाबू हो रहे एआई एजेंट्स के लिए ‘किल स्विच की मांग’
बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले ओपनएआई के ही एजेंट्स ऑस्ट्रेलिया की एक वेबसाइट में घुस गए थे. यहां तक कि उन्होंने वेबसाइट का एक्सेस भी हासिल कर लिया था.
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ओपनएआई के इन बेकाबू होते एजेंट्स को देखते हुए दुनिया भर के एक्सपर्ट्स एआई बनाने वाली कंपनियों से एक ‘किल स्विच’ की मांग कर रहे हैं. ताकि खतरनाक समय में इसका उपयोग कर पूरे एआई को एक झटके में रोका जा सके.
-भारत एक्सप्रेस
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