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अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की चौकियों पर किया कब्जा, पाक सेना का काबुल तक हमला

Pakistan Afghanistan conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर है. अफगान बलों ने पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के जवाब में कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है और दर्जनों सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है.

Pakistan Afghanistan conflict: पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के बाद अफगानिस्तान ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीमा पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं. अफगान सैन्य अधिकारियों का कहना है कि कुनार प्रांत में चलाए गए अभियानों में पाकिस्तान के कई सैनिक मारे गए हैं. इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता ने दावा किया कि लगभग 55 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई है और कई को जीवित पकड़ लिया गया है.

राजधानी काबुल में धमाके

अफगानिस्तान की कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद राजधानी काबुल में तीन धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. स्थानीय लोगों ने विमानों की गड़गड़ाहट भी सुनी, हालांकि विस्फोटों के स्थान और संभावित हताहतों की जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी. अफगान अधिकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों पर बमबारी की लेकिन इसमें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है.

सीमा चौकियों पर कब्जा

अफगानिस्तान के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस्लामिक अमीरात बलों ने पक्तिया, पक्तिका, खोस्त, कुनार, नूरिस्तान और नंगरहार प्रांतों में पाकिस्तान के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं. अब तक एक मुख्यालय और 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है. इनमें से चार चौकियों को खाली कराकर आग के हवाले कर दिया गया है.

हथियार और सैन्य उपकरण जब्त

अफगान बलों ने दावा किया कि दर्जनों हल्के और भारी हथियार उनके हाथ लगे हैं. एक टैंक को नष्ट कर दिया गया है और एक अंतरराष्ट्रीय हार्वेस्टर वाहन भी जब्त किया गया है. खोस्त प्रांत के अलीशेर-तेरेजी जिले में पाकिस्तानी सेना का एक बड़ा मुख्यालय भी अफगान बलों के कब्जे में आ गया है.

पाकिस्तान का क्या कहना है?

पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि अफगान सीमा से हुई गोलीबारी का जवाब देते हुए उनकी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से हमला किया गया था. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, गोलीबारी की शुरुआत खैबर जिले से हुई और बाद में यह चार अन्य जिलों तक फैल गई.

क्या है तनाव की पुरानी जड़ें?

दोनों देशों के बीच तनाव नया नहीं है. अक्टूबर में भी सीमा पर हुई झड़पों में दर्जनों सैनिक और नागरिक मारे गए थे. उस समय अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर काबुल में हुए विस्फोटों की जिम्मेदारी डाली थी. इसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था.

युद्धविराम और शांति वार्ता

कतर की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम कुछ समय तक कायम रहा लेकिन सीमा पर छिटपुट गोलीबारी जारी रही. नवंबर में हुई शांति वार्ता भी किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंच सकी. हाल ही में पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके हवाई हमलों में 70 आतंकवादी मारे गए, जबकि अफगानिस्तान ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इनमें कई आम नागरिक, महिलाएं और बच्चे शामिल थे.

नागरिकों की मौत पर विवाद

अफगान रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया. इसमें एक धार्मिक मदरसा और कई घर शामिल थे. अफगानिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और कहा कि पाकिस्तान के हमलों में दर्जनों निर्दोष नागरिकों की जान गई है.

डूरंड रेखा पर बढ़ता तनाव

दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन कहा जाता है. अफगानिस्तान ने इसे औपचारिक मान्यता नहीं दी है और यही विवाद का बड़ा कारण है. मौजूदा घटनाक्रम ने इस सीमा पर तनाव को और बढ़ा दिया है.

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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर आमने-सामने हैं और हालात किसी भी समय और बिगड़ सकते हैं. नागरिकों की मौत और सैन्य झड़पों ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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