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By Shubhra Rai
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच
Pakistani Reaction On Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 की सफलता पर भारतीय अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी ISRO को दुनियाभर से बधाइधां मिल रही हैं. हालांकि, इस मौके पर हमारे पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान की मीडिया में कोई खास कवरेज नहीं दी गई. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी भारतीय विदेश मंत्रालय के लिए आधिकारिक बयान जारी नहीं किया. हालांकि, 25 अगस्त को सुबह 11 बजे पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग को लेकर पत्रकार के सवाल पर प्रतिक्रिया दी. जिसका जिक्र अब सोशल मीडिया पर हो रहा है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक समाचार ब्रीफिंग के दौरान शुक्रवार को प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच से पूछा गया, “मौजूदा समय में जो इंटरनेशल डेवलपमेंट हुई है, भारत की चांद पर लैंडिंग हुई है. पाकिस्तान इसे कैसे देखता है?” उसका जवाब देते हुए मुमताज ने कहा, “इस सवाल के जवाब में मैं बस इतना ही कह सकती हूं कि यह एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि है, जिसके लिए इसरो के वैज्ञानिक सराहना के पात्र हैं.”
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद हुसैन चौधरी ने भी चंद्रयान-3 की सफलता पर प्रतिक्रिया दी थी. फवाद ने इसरो को बधाई देते हुए कहा था कि ”यह इसरो के लिए ऐतिहासिक क्षण है. केवल सपनों वाली युवा पीढ़ी ही दुनिया को बदल सकती है.”
हालांकि, फवाद जब मंत्री थे तो उन्होंने भारत के चंद्रयान-2 मिशन का मजाक उड़ाया था. 2019 में चंद्रयान-2 के लिए 900 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था. जिसके बारे में फवाद ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि किसी अज्ञात जगह के लिए इतना बजट खर्च करना कतईं जायज नहीं है.
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चंद्रयान-3 की सफलता के बाद इसरो अगले महीने 2 सितंबर 2023 को अपना पहला सौर मिशन लॉन्च करेगा. इसरो के इस मिशन का नाम आदित्य-एल-1 (Aditya-L1) है. इसकी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेश सेंटर से होगी.
इसरो के स्पेश एप्लीकेशन सेंटर के डायरेक्टर नीलेश एम. देसाई का कहना है कि आदित्य एल-1 को PSLV रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा. यह सोलर-मिशन 15 लाख किलोमीटर की दूरी 127 दिन में पूरी करेगा. इसे सूरज और धरती के बीच मौजूद प्वाइंट हैलो ऑर्बिट में तैनात किया जाएगा. जहां से यह सूर्य की जानकारी जुटाएगा.
— भारत एक्सप्रेस
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