Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

संयुक्त राष्ट्र में Pakistan ने अलापा कश्मीर राग, भारत ने कर दी बोलती बंद, दिया ये करारा जवाब

“इस देश की कट्टर मानसिकता और कट्टरता का रिकॉर्ड जगजाहिर है.” उन्होंने कहा, “ऐसे प्रयास इस वास्तविकता को नहीं बदलेंगे कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा.”

United Nations

पी. हरीश, स्थायी प्रतिनिधि, यूएन.

पाकिस्तान की ‘कट्टर मानसिकता’ की निंदा करते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने इस्लामाबाद से कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर को लेकर राग अलापने से सीमा पार आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता या इस क्षेत्र के भारत का अभिन्न अंग होने की वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता.

कश्मीर मुद्दे पर दिया करारा जवाब

वे शुक्रवार को पाकिस्तान की पूर्व विदेश सचिव तहमीना जंजुआ द्वारा इस्लामोफोबिया का मुकाबला करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए महासभा की एक अनौपचारिक बैठक के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे.

सीमा पार आतंकवाद को उचित नहीं ठहरा सकते

हरीश ने कहा, “जैसा कि उनकी आदत है, पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव ने आज भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का अनुचित संदर्भ दिया है.” “बार-बार संदर्भ देने से न तो उनका दावा मान्य होगा और न ही सीमा पार आतंकवाद को लेकर उनकी प्रैक्टिस को उचित ठहराया जा सकेगा.”

उन्होंने पाकिस्तान के बारे में कहा, “इस देश की कट्टर मानसिकता और कट्टरता का रिकॉर्ड जगजाहिर है.” उन्होंने कहा, “ऐसे प्रयास इस वास्तविकता को नहीं बदलेंगे कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा.” जब कश्मीर की बात आती है तो पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में एक आवाज बनकर रह जाता है.

जब भी उसके प्रतिनिधियों को बोलने का मौका मिलता है, तो वह कश्मीर का मुद्दा उठाता है, लेकिन किसी अन्य देश ने इस मुद्दे को नहीं उठाया. 2017 से 2019 तक पाकिस्तान की विदेश सचिव रहीं जंजुआ ने बैठक में बतौर आमंत्रित सदस्य अपनी बात रखी.

यह भी पढ़ें- Pakistan Train Hijack: रेलगाड़ी लुटने से PAK को भारी नुकसान, भारत का जवाब- दुनिया जानती है आतंक का सेंटर कहां है

उन्होंने कश्मीर को गाजा से जोड़ने की कोशिश की – जो पाकिस्तान की एक चाल है – और जोर देकर कहा, “इस्लामोफोबिया कब्जे वाले क्षेत्रों, जैसे कि भारतीय कब्जे वाले कश्मीर और फिलिस्तीन में मुसलमानों की भयानक हत्याओं का एक महत्वपूर्ण कारण है.” उन्होंने परोक्ष रूप से “लव जिहाद” और “गौरक्षकों” से जुड़ी “लिंचिंग” का भी उल्लेख किया.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital