रूसी राष्ट्रपति पुतिन (Putin) ने शंघाई सहयोग संगठन समिट से ठीक पहले एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि चीन और रूस ब्रिक्स को मजबूत करने और दुनिया को ‘नए विकल्प’ प्रदान करने के लिए मिलजुलकर काम कर रहे हैं.
पुतिन ने क्या कहा?
पुतिन (Putin) ने सिन्हुआ एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर राय रखी. पुतिन ने कहा कि रूस ब्रिक्स के अंतर्गत चीन के साथ मिलकर काम कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्ष सदस्य देशों के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से पहलों को आगे बढ़ा रहे हैं जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी के लिए साझा मंचों का निर्माण भी शामिल है.
IMF और विश्व बैंक में सुधार को समर्थन देने की बात
रूसी राष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक में सुधार को पूरा समर्थन देने की बात दोहराई और ‘सच्ची समानता’ और सभी देशों के लिए समान पहुंच पर आधारित एक ‘नई वित्तीय प्रणाली’ का आह्वान किया. रूसी राष्ट्रपति ने वित्तीय साधनों के इस्तेमाल को ‘नव-उपनिवेशवाद’ का एक रूप बताते हुए इसकी आलोचना की और कहा कि ब्रिक्स “वैश्विक बहुमत” को लाभ पहुंचाने वाली समावेशी प्रगति चाहता है. उन्होंने कहा,
“दोनों देश महत्वपूर्ण बुनियादी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए ब्रिक्स की क्षमता को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं. ब्रिक्स सदस्यों और समग्र विश्व के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ एक जैसा नजरिया रखते हैं.”
लिखित साक्षात्कार में पुतिन ने क्या कहा?
इस लिखित साक्षात्कार में पुतिन (Putin) ने चीन-रूस के संबंधों को बहुत अहम बताया. उन्होंने कहा,
“2021 से दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 100 अरब डॉलर बढ़ चुका है. चीन अब रूस का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. उन्होंने यह भी बताया कि अब दोनों देशों के बीच ज्यादातर लेन-देन रूबल और युआन में होता है. चीन, रूस से तेल और गैस का सबसे बड़ा खरीदार है और दोनों देश मिलकर व्यापार की बाधाओं को कम करने पर काम कर रहे हैं.”
SCO समिट से पुतिन को उम्मीद
पुतिन (लिखित साक्षात्कार में पुतिन) को उम्मीद है कि इस बार की समिट एससीओ को नई ताकत देगा, ताकि सदस्य देश मौजूदा खतरों और चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकें.
नई संभावनाओं और उपायों पर गहन चर्चा-पुतिन
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तियानजिन शिखर सम्मेलन और बीजिंग में चीन के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए अपनी चीन यात्रा की पूर्व संध्या पर सिन्हुआ को दिए लिखित साक्षात्कार में पुतिन ने यह भी कहा,
“अपनी यात्रा के दौरान वह महान विजय की 80वीं वर्षगांठ मनाने में चीनी पक्ष के साथ शामिल होंगे और रूस और चीन के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग की नई संभावनाओं और उपायों पर गहन चर्चा करेंगे.”
पुतिन (Putin) ने उम्मीद जताई कि इस बार की समिट एससीओ को नई ताकत देगा, ताकि सदस्य देश मौजूदा खतरों और चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकें.
रूसी राष्ट्रपति (Putin) ने कहा कि शी की यात्रा का “रूसी-चीनी संबंधों के आगे विकास के लिए गहरा प्रतीकात्मक महत्व” था. “हमने अच्छे पड़ोसी, मित्रता और पुराने, पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग की परंपराओं को मजबूत करने के पक्ष में अपने लोगों की रणनीतिक पसंद की पुष्टि की.”
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उन्होंने (Putin) आगे कहा कि वह द्विपक्षीय एजेंडे के सभी पहलुओं पर शी जिनपिंग के साथ गहन चर्चा और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान के लिए उत्सुक हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
(साभार IANS न्यूज एजेंसी)
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