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Arab Light Crude Price Hike: अमेरिका-ईरान जंग की वजह से पूरी दुनिया तेल की कमी से जूझ रही है. मांग ज्यादा और सप्लाई कम होने का सबसे बड़ा कारण ईरान के द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना है. इस होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया में तेल व्यापार का 5वां हिस्सा गुजरता है. इस वजह से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से अरब क्षेत्र खासकर सऊदी अरब, कतर, कुवैत, UAE जैसे देशों का तेल व्यापार ठप पड़ा हुआ है. जंग की वजह से इन देशों की अर्थव्यवस्था हिचकोले खाते दिख रही है. इस संकट की घड़ी में अब सऊदी अरब ने ऐसा फैसला किया है जिससे पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होना लाजमी है. अरामको भारत के कुल तेल आयात का 18 प्रतिशत शेयर रखती है. कंपनी के इस फैसला का असर भारत पर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
एशियाई देशों से प्रीमियम वसूलेगी अरामको
दरअसल सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने एशियाई देशों के लिए अरब लाइट क्रूड पर प्रीमियम का ऐलान किया है. कंपनी ने एशियाई खरीदारों से प्रति बैरल 19.50 डॉलर प्रति बैरल सेट किया है. कंपनी ये कीमत मई शिपमेंट वाले अरब लाइट क्रूड से वसूल करेगी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक अरामको ने यह कदम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण आपूर्ति प्रभावित होने के चलते उठाया है.
हल्का क्रूड ऑयल होता है अरब लाइट
अरब लाइट एक हल्का क्रूड ऑयल होता है, जिसे सऊदी अरामको द्वारा उत्पादित किया जाता है. यह मध्यम घनत्व और कम सल्फर वाला “स्वीट क्रूड” है, जिससे इसे रिफाइन करना आसान होता है. इससे पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे उत्पाद बनाए जाते हैं. इसकी गुणवत्ता और स्थिर सप्लाई के कारण यह एशिया और यूरोप में बहुत लोकप्रिय है.
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से बाजारों में अस्थिरता
ओपीईसी के तहत इसका उत्पादन वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करता है और इसकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाले प्रमुख शिपिंग मार्ग को लगभग बंद कर देने से वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया है, जिससे ऊर्जा बाजारों में तीव्र अस्थिरता उत्पन्न हो गई है.
अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी
इस उथल-पुथल ने अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों को काफी बढ़ा दिया है. हाल के सत्रों में ब्रेंट क्रूड में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और इससे अमेरिका, यूरोप और एशिया सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ईंधन की कीमतों में भी भारी वृद्धि देखी गई है.
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हालांकि, दिन के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी देखी गई. ब्रेंट क्रूड का दाम 1.58 प्रतिशत कम होकर 107.31 डॉलर प्रति बैरल हो गया है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.84 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 109.49 डॉलर प्रति बैरल पर था.
-भारत एक्सप्रेस
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