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Snake Farming: इस गांव में होती है 30 लाख सांपों की खेती, हर साल करोड़ों कमा रहे हैं लोग

China Snake Village: बारिश के सीजन में कीट-पतंगों की संख्‍या बढ़ जाती है. कई तरह के जहरीले जीव-जंतु भी नजर आने लगते हैं. खासकर, सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. भारत में सांपों की दर्जनों प्रजातियां मिलती हैं, जिनमें से कुछ को संरक्षित भी किया जा रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक जगह ऐसी भी है जहां सांपों की खेती की जाती है. जी हां, आपने सही सुना है जैसे जानवरों को पाला जाता है और उनकी देखभाल की जाती है, वैसे ही वहां सांपों को पाला-पोषा जाता है. इसीलिए कहा जाता है कि वहां सांपों की खेती की जाती है.

हम बात कर रहे हैं चीन के एक गांव जिसिकियाओ की. जहां पर किंग कोबरा, वाइपर और रैटल स्नेक जैसे एक से बढ़कर एक जहरीले सांप पैदा किए जाते हैं. बताया जाता है कि जिसिकियाओ में हर साल 30 लाख से ज्यादा सांप पैदा किए जाते हैं. इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां सांपों को पैदा करने के अलग-अलग उद्देश्य और कारण हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांपों से बनने वाली जड़ी-बूटी से कई तरह की बीमारी के इलाज का दावा किया जाता है. सांप से भी कई तरह के इलाज किए जाते हैं. सांपों से स्किन डिसीज का इलाज होता है, साथ ही कैंसर में भी सांपों के अंग का इस्तेमाल किया जाने लगा है.

तीस लाख से ज्यादा सांपों की पैदावार

चीन के जिसिकियाओ गांव में तमाम नस्ल के सांप पाए जाते हैं, जिनको लकड़ी और शीशे के छोटे-छोटे बक्सों में पाला जाता है. इस गांव में लगभग 170 परिवार हैं, जो हर साल तीस लाख से ज्यादा सांपों की पैदावार करते हैं. उन लोगों की मानें तो सांप का जहर दिल के मरीज को भी दिया जाता है. सांप से तैयार दवा से शराब का असर नहीं होता है और उसे पीने वाला इंसान स्वस्थ रहता है. आपको बता दें कि 1918 में फैले स्पेनिश फ्लू के दौरान चीन में सांप के तेल से ही इलाज का दावा किया गया.

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वियतनाम में तो सांपों का बगीचा भी है!

चीन के अलावा सांपों की पैदावार से जुड़ी रोचक खबर वियतनाम की है. वियतनाम के एक गांव में सांपों का बगीचा बनाया गया है, जहां पेड़ों की डालियों पर सांप लिपटे होते हैं. उस बगीचे का नाम डोंग टैम स्नेक फॉर्म है, जिस तरह से खेतों में फल और सब्जियां उगाई जाती हैं वैसे ही यहां पर सांप पाले जाते हैं. इनसे भी वही काम लिया जाता है, जो चीन के सांपों के साथ किया जाता है और जड़ी-बूटी बनाई जाती है.

— भारत एक्सप्रेस

Vijay Ram

'भारत एक्सप्रेस' में चीफ सब एडिटर। न्‍यूज वेबसाइट पर एवरग्रीन स्‍टोरीज, क्रिएटिव/स्‍पेशल प्रजेंटेशन, हाइलाइट्स के अगुआ। संस्‍था के शुरुआती दौर से दिन-रात हर मौके पर दम-दिमाग झोंककर स्वयं को तपाया। अब तक 8,000 से ज्‍यादा पोस्ट्स पब्लिश कर चुके, 1K+ बाइलाइन हुईं। 'भारत एक्सप्रेस' के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय जी के प्रोग्राम्स (कॉन्क्लेव), और आर्टिकल्‍स को Bharatexpress.com पर प्रमुखता से कवर करते हैं। जर्नलिज्‍म में इनके 10+ वर्ष बीते। यहां से पहले एबीपी इंटरनेशनल, वनइंडिया हिंदी, राजस्‍थान पत्रिका और भास्कर ग्रुप में सेवा दे चुके। देश-विदेश, सैन्य-रणनीति, स्पेस साइंस, ऑफबीट, धर्म-अध्यात्म की खबरों में रुचि।

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