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‘MAGA’ के नाम पर भारतीयों पर वार! अमेरिका में साइड हसल कर रहे प्रवासियों पर कार्रवाई की तैयारी में ट्रंप प्रशासन, डिपोर्टेशन का मंडराया खतरा

Trump Targets Immigrants: इमानदारी से टैक्स भरने और आय रिपोर्ट की जानकारी देने पर अमेरिकी सरकार सजा देने जा रही है. अगर कोई व्यक्ति इसमें फंसता है तो उसकी वीजा अवधि बढ़ाने से मना करने से लेकर, अमेरिका में दोबारा आने से रोक, यहां तक की उसे डिपोर्ट भी किया जा सकता है.

Trump Targets Immigrants

Trump Targets Immigrants: मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) का झंडा उठाये ट्रंप प्रशासन अमेरिका में रह रहे प्रवासियों को देश से भगाने के नए-नए हथकंडे अपना रहा है. अमेरिकी सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसकी वजह से भारतीय प्रवासियों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं. अमेरिका की इमिग्रेशन एजेंसियां (IRS) अब टैक्स रिकॉर्ड्स का इस्तेमाल कर उन प्रवासियों पर कार्रवाई करने जा रही है जो तय कामों के अलावा अलग से बिना अनुमति वाली जॉब कर पैसे कमा रहे हैं. इसका असर सबसे ज्यादा भारतीय H-1 वीजा धारकों और छात्र वीजा पर आए भारतीयों पर पड़ेगा.

जानकारी के मुताबिक IRS उन लोगों के टैक्स रिकॉर्ड्स चेक कर रही है जिन्होंने टैक्स रिटर्न के दौरान अतिरिक्त कमाई (साइड हसल) की जानकारी दी है. इस रिकॉर्ड के जरिये अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसियां उन लोगों पर कार्रवाई करने जा रही है जो बिना अनुमति वाले रोजगार कर अतिरिक्त पैसे बनाये.

डिपोर्टेशन का मंडराया खतरा

यानी अब इमानदारी से टैक्स भरने और आय रिपोर्ट की जानकारी देने पर अमेरिकी सरकार सजा देने जा रही है. अगर कोई व्यक्ति इसमें फंसता है तो उसकी वीजा अवधि बढ़ाने से मना करने से लेकर, अमेरिका में दोबारा आने से रोक, यहां तक की उसे डिपोर्ट भी किया जा सकता है.

साइड हसल वाले प्रवासी रहेंगे टारगेट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, IRS ने इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) के साथ डेटा शेयर कर रहा है. जिसमें अधिकारी ये देख रहे हैं कि कौन से व्यक्ति ने कितनी कमाई तय कामों के जरिये की और साइड हसल से कितनी आमदनी की.

H-1B वीजा धारकों की बढ़ेगी मुसीबत

जानकारों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के इस कदम का सबसे ज्यादा असर H-1B वीजा धारकों पर पड़ेगा. क्योंकि वो किसी कंपनी के थ्रू अमेरिका में गए होते हैं और वहां पर अगर वो साइड हसल करते हैं तो वो तुरंत पकड़ में आ सकते हैं. इस बारे में एक वकील अभिनव त्रिपाठी के हवाले से न्यूज 18 लिखता है, अगर अमेरिकी सरकार टैक्स रिकॉर्ड में दिखाये गए साइड हसल के आधार पर नोटिस जारी कर रही है. तो इसके नतीजे बेहद ही गंभीर हो सकते हैं. क्योंकि यह वीजा स्टेटस के उल्लंघन का मामला बनता है. इस आधार पर उस व्यक्ति को डिपोर्ट भी किया जा सकता है.

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विशेषज्ञों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति कैपिटल गेन या ब्याज से इनकम किया है तो उसे कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन फ्रीलांस या ऑनलाइन जॉब्स से कमाई करने वाले लोगों के लिए ये गंभीर मामला बन सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अधिकारी अपने हिसाब से एक्टिव और पैसिव इनकम की व्याख्या करेंगे तो प्रवासियों के लिए ये स्थिति बेहद ही गंभीर होगी.

इस बारे में विशेषज्ञों ने अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों को बेहद सतर्कता बरतने की अपील की है.

– भारत एक्सप्रेस



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