अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर हैं. उनके साथ अमेरिका के कई बड़े बिजनेस लीडर्स भी बीजिंग पहुंचे हैं. यह यात्रा व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए की गई है. इस पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हैं, ज्यादातर लोगों को उम्मीद थी कि ट्रंप चीन को हड़का सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, बल्कि उनका हाव-भाव ऐसा लगा जैसे वे जिनपिंग के सामने गिड़गिड़ा रहे हों.
ट्रंप के साथ इलॉन मस्क (टेस्ला और स्पेसएक्स), एपल के टिम कुक, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, ब्लैकरॉक के लैरी फिंक, गोल्डमैन सैक्स के डेविड सोलोमन, बोइंग, क्वालकॉम, माइक्रोन और कई अन्य कंपनियों के CEO शामिल थे. यह समूह एयर फोर्स वन से बीजिंग पहुंचा.
ताइवान पर सवाल टाले, व्यापार पर फोकस
अमेरिकी कंपनियां चीन से कई चीजें चाहती हैं. एनवीडिया को AI चिप्स का बाजार चाहिए. टेस्ला शंघाई में फुल सेल्फ ड्राइविंग अप्रूवल चाहता है. एपल अपनी सप्लाई चेन सुरक्षित रखना चाहता है. बोइंग पुराने ऑर्डर दोबारा शुरू करवाना चाहता है. वीजा और मास्टरकार्ड चीन के पेमेंट सिस्टम में एंट्री चाहते हैं. ट्रंप ने इस यात्रा को सफल बताया है. उन्होंने कहा कि चीन 200 बोइंग जेट्स खरीदने को तैयार है. आगे और डील्स हो सकते हैं. दोनों पक्षों ने ट्रेड बोर्ड बनाने पर सहमति जताई है ताकि संबंध सुधर सकें.
कई सालों तक दोनों देशों में ट्रेड वॉर चला था
पहले कई सालों तक दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर चला. ट्रंप ने पहले चीन को दुश्मन बताया था. लेकिन अब व्यवसायिक फायदे को प्राथमिकता दी गई है. यह यात्रा 2017 के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली बड़ी चीन यात्रा है. यह यात्रा दिखाती है कि बड़े देश राजनीति के बावजूद व्यापार नहीं छोड़ सकते. अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं. इनके बीच अच्छे संबंध पूरे विश्व पर असर डालते हैं.
| कंपनी/CEO | मुख्य मांग/फोकस | संभावित फायदा |
|---|---|---|
| इलॉन मस्क (टेसला) | FSD अप्रूवल, चीन मार्केट | EV सेल्स बढ़ाना |
| टिम कुक (एपल) | सप्लाई चेन सुरक्षा | iPhone प्रोडक्शन |
| जेन्सेन हुआंग (NVIDIA) | AI चिप्स का $50B बाजार | एक्सपोर्ट बढ़ाना |
| बोइंग | एयरक्राफ्ट ऑर्डर | 200+ प्लेन डील |
| ब्लैकरॉक | चाइनीज कैपिटल मार्केट | निवेश के अवसर |
जिनपिंग ने ट्रंप के सामने रखी बराबरी की शर्त
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप का भव्य स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही साथ उन्होंने अमेरिका को चेताया भी. जिनपिंग ने कहा- अमेरिका को चीन की रिस्पेक्ट करनी होगी. हमारे खिलाफ कोई कदम उठाने से रिश्ते उलझ सकते हैं.
अमेरिकी बिजनेस के लिए और ज्यादा खुलेगा चीन
जिनपिंग ने अमेरिकी कंपनियों के CEOs का स्वागत किया. शी ने कहा कि चीन अमेरिकी बिजनेस के लिए और ज्यादा खुलेगा. दोनों नेताओं ने स्थिरता और सहयोग पर जोर दिया. बैठक में व्यापार, AI, ताइवान और ईरान जैसे मुद्दों पर बात हुई. ट्रंप की यह यात्रा दिखाती है कि व्यावहारिक फायदे हमेशा ऊपर रहते हैं. CEOs के साथ गई यह डेलिगेशन भविष्य के व्यापार संबंधों की दिशा तय करेगी. आम लोग उम्मीद करते हैं कि इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार बढ़ेगा.
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