अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शनिवार (स्थानीय अमेरिकी समयानुसार) को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे मुकदमे को राजनीतिक विच हंट करार दिया. ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई है जब नेतन्याहू तीन अलग-अलग कथित भ्रष्टाचार मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं. इन मामलों में रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे आरोप शामिल हैं. हालांकि, नेतन्याहू ने इन सभी आरोपों को लगातार खारिज करते हुए उन्हें झूठा करार दिया है.
Donald Trump ने ट्रूथ पर किया पोस्ट
ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई और कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इजरायली प्रधानमंत्री को उस समय अदालत में बैठना पड़ रहा है, जब वे हमास के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते की बातचीत में लगे हुए हैं.
ट्रंप बोले- यह राजनीतिक विच हंट
ट्रंप (Donald Trump) ने लिखा, “इजरायल में नेतन्याहू के साथ जो किया जा रहा है वह भयावह है. वह एक युद्ध नायक हैं और एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खतरनाक परमाणु खतरे से निपटने में शानदार सफलता हासिल की. इस समय वह हमास के साथ एक समझौते की प्रक्रिया में हैं, जिसमें बंधकों की वापसी भी शामिल है. ऐसे समय में उन्हें पूरे दिन कोर्टरूम में बैठने को मजबूर करना कहां की समझदारी है वो भी सिर्फ सिगार, बग्स बनी डॉल आदि जैसी बातों पर? यह एक ‘राजनीतिक विच हंट’ है, बिल्कुल उसी तरह जैसा मेरे साथ हुआ था.”
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ट्रंप ने आगे कहा कि यह न्याय का मज़ाक है और यह ईरान और हमास दोनों के साथ चल रही वार्ताओं में बाधा डाल सकता है. उन्होंने लिखा, यह न्याय का तमाशा ईरान और हमास के साथ चल रही वार्ताओं में बाधा उत्पन्न करेगा. यह पूरी तरह से पागलपन है, जो नेतन्याहू के साथ किया जा रहा है. अमेरिका हर साल अरबों डॉलर इजरायल की रक्षा और सहायता में खर्च करता है, किसी भी अन्य देश से कहीं अधिक. हम इसे सहन नहीं करेंगे. हमने प्रधानमंत्री नेतन्याहू के नेतृत्व में एक बड़ी जीत हासिल की थी और यह मुकदमा हमारी उस जीत को धूमिल कर रहा है. नेतन्याहू को छोड़ दो, उनके पास करने को बड़ा काम है!”
नेतन्याहू पर 2020 में शुरू हुआ था मुकदमा
गौरतलब है कि नेतन्याहू का यह मुकदमा मई 2020 में शुरू हुआ था, जो किसी भी मौजूदा इजरायली प्रधानमंत्री के खिलाफ पहला आपराधिक मुकदमा है. इजरायली कानून के तहत नेतन्याहू को तब तक इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि सर्वोच्च न्यायालय उन्हें दोषी नहीं ठहराता.
इसके अलावा, हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने भी नेतन्याहू के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के आरोपों के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. इन आरोपों में गाज़ा में आम नागरिकों को निशाना बनाने और जानबूझकर भुखमरी की नीति अपनाने जैसे गंभीर दावे शामिल हैं.
इससे पहले बुधवार को भी डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने नेतन्याहू के भ्रष्टाचार मुकदमे को राजनीतिक साजिश बताया था और इसकी तत्काल समाप्ति की मांग की थी. ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका ही इजरायली प्रधानमंत्री को बचाएगा. राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, नेतन्याहू पर लगे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं. उन्होंने इस मुकदमे को डरावना तमाशा बताया, जो 2020 से चला आ रहा है और जिसने नेतन्याहू को ऐसा पहला मौजूदा प्रधानमंत्री बना दिया है, जिन्हें पद पर रहते हुए आपराधिक मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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