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पाकिस्तान में एर्दोगन ने अलापा कश्मीर का राग, तुर्की-पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकियां भारत के लिए खतरा?

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन गुरुवार को एक आधिकारिक यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे. इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनका स्वागत किया.

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तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन गुरुवार को एक आधिकारिक यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे. इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. एर्दोगन के साथ उनकी पत्नी और तुर्की की प्रथम महिला एमीन एर्दोगन भी इस यात्रा में शामिल हुईं.

इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और 24 समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इनमें व्यापार, रक्षा सहयोग और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों से जुड़े समझौते शामिल हैं.

कश्मीर मुद्दे पर एर्दोगन का बयान

इस मुलाकात में कश्मीर का मुद्दा भी उठा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि तुर्की हमेशा कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन करता रहा है. उन्होंने राष्ट्रपति एर्दोगन को इस्लामिक समाज का एक महत्वपूर्ण और सम्मानित नेता बताया और कहा कि उन्होंने गाजा, फिलिस्तीन और कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए हमेशा आवाज उठाई है.


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राष्ट्रपति एर्दोगन ने भी इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि तुर्की कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता बनाए रखेगा और पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा. उन्होंने इस मुद्दे के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप बातचीत पर जोर दिया.

साइप्रस मुद्दे पर तुर्की को पाकिस्तान का समर्थन

तुर्की और साइप्रस के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है, जो 1974 में तुर्की द्वारा साइप्रस पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ था. इस विवाद पर भी बातचीत हुई, जिसमें पाकिस्तान ने साइप्रस के मुद्दे पर तुर्की के रुख का समर्थन करने का आश्वासन दिया.

पाकिस्तान और तुर्की के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग

राष्ट्रपति एर्दोगन ने बताया कि उनकी सरकार पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना बना रही है. उन्होंने इस्लामाबाद में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से भी इस संबंध में चर्चा की और तुर्की के निवेशकों को पाकिस्तान में व्यापारिक अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया.

रक्षा सहयोग पर चर्चा करते हुए एर्दोगन ने कहा कि पाकिस्तान और तुर्की के बीच सैन्य संबंध मजबूत हो रहे हैं. पाकिस्तान तुर्की से हथियारों की बड़ी खरीद करता है और तुर्की वर्तमान में पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा उपकरण आपूर्तिकर्ता है. हाल ही में पाकिस्तान ने तुर्की से नौसैनिक जहाज खरीदने का सौदा किया था. दोनों देशों ने जनवरी में पूर्वी भूमध्यसागर में एक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास भी किया था.

तुर्की ने पाकिस्तान को T129 ATAK हेलीकॉप्टर, MILGEM-श्रेणी के युद्धपोत और अन्य रक्षा उपकरण प्रदान किए हैं, जिससे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता में वृद्धि हुई है.


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-भारत एक्सप्रेस



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