Donald Trump Tariffs: अमेरिका ने जी-7 देशों से रूस के खिलाफ और सख्त आर्थिक कार्रवाई करने का आह्वान किया है. वॉशिंगटन का कहना है कि जो देश अब भी रूस से तेल खरीद रहे हैं, उन पर टैरिफ लगाया जाना चाहिए.
ट्रंप की रणनीति
शुक्रवार को जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में अमेरिकी राजदूत जेमिसन ग्रीर और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग दोहराई. उनका कहना था कि रूस की ऊर्जा से होने वाली कमाई सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध को मजबूत कर रही है. ग्रीर और बेसेंट ने बयान जारी कर कहा,’केवल मिलकर ही हम उस राजस्व को रोक सकते हैं, जो पुतिन की युद्ध मशीन को चला रहा है. तभी हम युद्ध को खत्म करने के लिए पर्याप्त आर्थिक दबाव बना पाएंगे.’
पहले से उठाए गए कदम
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि वॉशिंगटन पहले ही उन देशों पर कड़े शुल्क लगाने की दिशा में बढ़ चुका है, जो रूस से तेल आयात कर रहे हैं. यह कदम ट्रंप की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत रूस को बातचीत की मेज पर लाना है.
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अमेरिका का जी-7 देशों से अपील
अमेरिका ने अपने जी-7 देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन से भी यही कदम उठाने की अपील की है. ग्रीर और बेसेंट ने कहा कि वे जी-7 देशों के मौजूदा प्रतिबंधों को और कड़ा करने और रूस की जब्त की गई संपत्तियों को यूक्रेन की रक्षा में इस्तेमाल करने की चर्चा का स्वागत करते हैं.
ऊर्जा संकट पर चिंता
यह अपील ऐसे समय आई है जब जी-7 देश इस बात पर विचार कर रहे हैं कि रूस पर प्रतिबंध कितने सख्त किए जाएं, ताकि दुनिया में ऊर्जा संकट और न बढ़े. खासकर वे विकासशील देश, जो अब भी रूसी तेल और गैस पर निर्भर हैं, इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं.
ट्रंप का सख्त रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने भी साफ कहा है कि वे रूस पर बहुत कड़ा दबाव डालेंगे. उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा,’इसका असर बैंकों पर लगाए गए प्रतिबंधों से लेकर तेल और टैरिफ तक पर गंभीर होगा.’
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-भारत एक्सप्रेस
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