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पाकिस्तान पर ट्रंप मेहरबान! अमेरिका ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को घोषित किया आतंकी संगठन

Balochistan Liberation Army: बीएलए पिछले कई दशकों से पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी आंदोलन चला रहा है. यह संगठन पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाता है कि वह इलाके के खनिज संसाधनों का दोहन करती है और स्थानीय बलूच समुदाय के साथ भेदभाव करती है.

Balochistan Liberation Army

Balochistan Liberation Army: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय पाकिस्तान पर ज्यादा ही मेहरबान दिखाई दे रहे हैं. पाकिस्तान अपनी जो भी मुराद ट्रंप से मांग रहा है. उसे ट्रंप एक जिन्न की तरह पूरी कर रहे हैं. अब ट्रंप ने पाकिस्तान की एक और मुराद पुरी कर दी है. अमेरिका ने पाकिस्तान की एक अहम मांग मानते हुए बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को आधिकारिक तौर पर विदेशी आतंकी संगठन (Foreign Terrorist Organization – FTO) घोषित कर दिया है. इसके साथ ही बीएलए के सहयोगी संगठन ‘मजीद ब्रिगेड’ को भी इसी सूची में डाल दिया है.

यह फैसला ऐसे वक्त आया है, जब कुछ ही महीने पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर ने अमेरिका से अपील की थी कि बलूच विद्रोहियों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएं.

Balochistan Liberation Army

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने की घोषणा

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार (11 अगस्त 2025) को इसकी आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

पहली बार 2019 में SDGT में डाला गया था BLA

मार्को रूबियो ने बताया कि बीएलए को पहली बार 2019 में “स्पेशली डिज़िग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट” (SDGT) की सूची में डाला गया था. इसके बावजूद संगठन और उसके धड़े ‘मजीद ब्रिगेड’ ने कई बड़े हमलों को अंजाम दिया.

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बीएलए ने ग्वादर पोर्ट पर किया था हमला

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 2024 में बीएलए ने कराची एयरपोर्ट और ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स के पास आत्मघाती हमले किए थे. वहीं, मार्च 2025 में इस संगठन ने क्वेटा से पेशावर जा रही ‘जाफ़र एक्सप्रेस’ ट्रेन को हाईजैक कर 31 लोगों की हत्या और 300 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाया था.

रूबियो ने कहा,

“आतंकियों पर प्रतिबंध लगाना उनके वित्तीय और नेटवर्क सपोर्ट को खत्म करने का असरदार तरीका है. ऐसे कदम हिंसक संगठनों के संसाधनों को सीमित करते हैं.”

बलूचिस्तान में दशकों पुराना विद्रोह

बीएलए पिछले कई दशकों से पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी आंदोलन चला रहा है. यह संगठन पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाता है कि वह इलाके के खनिज संसाधनों का दोहन करती है और स्थानीय बलूच समुदाय के साथ भेदभाव करती है.

अमेरिका और पाकिस्तान पहले भी बीएलए को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं, लेकिन एफटीओ की सूची में नाम आने से अब इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई और तेज होगी.

– भारत एक्सप्रेस



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