सांकेतिक तस्वीर.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 के नए सबवेरिएंट NB.1.8.1 को लेकर वैश्विक अलर्ट जारी किया है, जो तेजी से दुनिया भर में फैल रहा है. यह वेरिएंट ओमिक्रॉन के JN.1 सबवेरिएंट से उत्पन्न हुआ है और इसे 23 मई, 2025 को WHO द्वारा ‘वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग’ (VUM) की श्रेणी में रखा गया है.
पहली बार 22 जनवरी, 2025 को ताइवान में इसकी पहचान हुई थी. यह वेरिएंट चीन, हांगकांग, अमेरिका, भारत, जापान और फ्रांस जैसे देशों में फैल रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, NB.1.8.1 में स्पाइक प्रोटीन में छह से आठ उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) हैं, जो इसे अत्यधिक संक्रामक बनाते हैं. यह मौजूदा इम्यूनिटी को चकमा देने में सक्षम है, जिससे वैक्सीनेटेड लोगों में भी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
ये होते हैं इस बीमारी के प्रमुख लक्षण
इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में खांसी, हल्का बुखार, थकान, गले में खराश और कुछ मामलों में हल्के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं शामिल हैं. हालांकि, प्रारंभिक शोध के अनुसार, यह वेरिएंट गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता.

चीन में इसके मरीजों की संख्या बढ़ी
चीन में मार्च से मई 2025 के बीच फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों में पॉजिटिविटी दर 7.5% से बढ़कर 16.2% हो गई. भारत में भी दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में मामले बढ़ रहे हैं, जिसके चलते उत्तराखंड में हाई अलर्ट जारी किया गया है.
NB.1.8.1 के खिलाफ वैक्सीन अभी प्रभावी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि NB.1.8.1 के खिलाफ मौजूदा वैक्सीन अभी भी प्रभावी हैं, लेकिन कम वैक्सीनेशन दर और घटती इम्यूनिटी चिंता का विषय है. WHO और स्वास्थ्य अधिकारी लोगों से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और समय पर वैक्सीनेशन कराने की सलाह दे रहे हैं. स्थिति पर नजर रखने के लिए भारत में INSACOG सक्रिय है.
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