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दिल्ली शराब नीति: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दाखिल पूरक आरोप पत्र पर अदालत ने फैसला टाला

आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन के मामले में दाखिल पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर अदालत ने अपना फैसला टाल दिया है.

Rouse Avenue Court

राउज एवेन्यू कोर्ट (फोटो- सोशल मीडिया)

दिल्ली शराब नीति मामले में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन के मामले में दाखिल पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर अदालत ने अपना फैसला टाल दिया है.

राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा अब इस मुद्दे पर 9 जुलाई को फैसला करेगी. न्यायाधीश ने इस मुद्दे पर सभी पक्षों को सुनने के बाद 28 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप पत्र में कहा है कि राजधानी में शराब के व्यापार में निवेश करने के ऐवज में पंजाब के व्यापारियों से भी रित ली गई थी. उसने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) शासित पंजाब के उन व्यापारियों को पड़ोसी राज्य में शराब कारोबार में निवेश नहीं करने दिया गया, जिन्होंने रित नहीं दी थी.

पहली बार धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत किसी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ईडी ने अदालत को बताया है कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल एवं उनकी पार्टी कथित घोटाले से जुड़े हुए थे. केजरीवाल घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता हैं, जिसमें अन्य आप नेता और निजी व्यक्ति भी शामिल हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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