सुप्रीम कोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई मामले में 5 करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार जुवेनाइल को जमानत देने से इनकार कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने मुकदमे में तेजी लाने का निर्देश दिया है. जस्टिस जे. बी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए जुवेनाइल को जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि कम उम्र का हवाला देकर कोई कानून से नही बच सकता हैं.
जुवेनाइल पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप
कोर्ट ने यह भी कहा कि उसमें सुधरने गुंजाइश कम है. जुवेनाइल पर एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप है. राजस्थान सरकार की ओर से पेश एडवोकेट जनरल शिव मंगल शर्मा ने कोर्ट को बताया कि जुवेनाइल के खिलाफ पहले से ही छह आपराधिक मामले लंबित हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, फिरौती, आपराधिक धमकी और अवैध हथियार रखने के आरोप शामिल हैं.
जुवेनाइल एक आदतन अपराधी है-सुप्रीम कोर्ट
उन्होंने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं, जो भारत में हत्या, फिरौती और संगठित अपराध में शामिल एक कुख्यात नेटवर्क है. उसे जमानत दी गई तो उसके फिर से अपराध में शामिल होने की संभावना बहुत अधिक है, जैसा कि हाई कोर्ट ने भी अपने आदेश में उल्लेख किया था कि वह अपने माता-पिता के प्रभाव से बाहर है. जुवेनाइल एक आदतन अपराधी है. किशोर का बार-बार गंभीर अपराधों में शामिल होना यह दर्शाता है कि वह एक आदतन अपराधी है. जुवेनाइल पर आरोप है कि उसने गैंग लीडर्स के निर्देश पर जयपुर के एक प्रमुख प्रॉपर्टी डीलर से 5 करोड़ रुपये फिरौती मांगी थी. यह कॉल यूनाइटेड किंगडम के नंबरों से किया गया था. पैसा ना देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी.
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