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“एक तरफ पाकिस्तान भीख मांगता है और दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाता है”, लंदन में BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने पाकिस्तान की खोली पोल

बीजेपी के सांसद गुलाम अली खटाना , जो बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं , ने आतंकवाद का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया.

Ghulam Ali Khatana

बीजेपी सांसद गुलाम अली खटाना.

All Party Delegation In London: बीजेपी के सांसद गुलाम अली खटाना , जो बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं , ने आतंकवाद का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया है, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक तरफ भीख मांगता है और दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाता है . उन्होंने कहा कि संसद के सदस्य यहां यूके और दुनिया के अन्य हिस्सों में यह संदेश देने के लिए आए हैं कि भारत आतंकवाद को कुचलना जानता है और उसे किसी की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है.

Ghulam Ali Khatana ने पाक को किया बेनकाब

रविवार को लंदन के इंडिया हाउस में प्रवासी भारतीयों से बातचीत करते हुए खटाना ने कहा, “पाकिस्तान एक तरफ भीख मांगता है और दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाता है . वो समय चला गया. हम यहां यूरोप में हैं और हमारे दूसरे दोस्त दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संदेश देने के लिए हैं कि हम आतंकवाद को कुचलना जानते हैं और हमें किसी की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है. आप लोग हमारे राजदूत हैं. हम लड़ाई करेंगे. हमारी सेना वहां लड़ेगी. हमें कूटनीतिक लड़ाई लड़नी है, सोशल मीडिया की लड़ाई लड़नी है. हमें लड़ना है और अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है. हम चुप रहते हैं और सोचते हैं कि ये मेरा काम नहीं है. मुझे अपने बच्चों को पढ़ाना है. यहां आए सभी लोगों में इस देश के लिए उत्साह और प्यार है, इसलिए आप पिछले दो घंटों से यहां हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ने से पाकिस्तान परेशान है. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे भारत पाकिस्तान के साथ तीन नदियों का पानी साझा करता है, फिर भी बदले में उसे घुसपैठ, ड्रग्स और आतंकवाद मिलता है.

हमने पाक को पानी दिया, उसने आतंकवाद

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान कहता है कि हमने उसका पानी रोक दिया है…हमने उन्हें अपनी नदियों का 80 प्रतिशत पानी दिया है और बदले में पाकिस्तान ने हमें घुसपैठ, आतंकवाद , ड्रग्स दिया है…पाकिस्तान को जो बात परेशान कर रही थी, वह यह थी कि लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी बढ़ी, कश्मीर दुनिया का एक शांतिपूर्ण क्षेत्र बन गया, लोग मतदान करने लगे, पर्यटन, बुनियादी ढांचे में तेजी आई और अनुच्छेद 370 के बाद महिलाओं को उनके अधिकार मिले. महिलाओं को संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार नहीं दिया गया…इतना ही नहीं, पाकिस्तान वहां लोकतंत्र को खत्म करना चाहता है, सेना आधिपत्य रखना चाहती है और इसलिए वे यहां अशांति पैदा करना चाहते हैं. पिछले 30 वर्षों में 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए और कितने बच्चे अनाथ हो गए, कितने लोग चले गए, खासकर कश्मीरी पंडित. वे हमारी ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा थे.”

पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने कहा कि पहलगाम और अन्य स्थानों पर आतंकवादी हमला “फासीवाद और जातीय सफाए का आतंक” था. उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पाकिस्तान का जन्म हिंसा से हुआ था, न कि किसी राजनीतिक आंदोलन से.

ब्रिटेन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ” पहलगाम और कई अन्य स्थानों पर हमने जो आतंक देखा है, यह कोई सामान्य रूप नहीं है. यह फासीवाद का आतंक है. यह जातीय सफाए का आतंक है. आप यूरोप में हैं. अगर यूरोप फासीवाद को याद नहीं रखता, तो कौन सा महाद्वीप फासीवाद को याद रखेगा? आपके यहां ऐसी पीढ़ियां हैं जो हिटलर के युग को याद करती हैं. यह उस युग की वापसी है और हम इसे अपनी आंखों से देख रहे हैं, लेकिन जब तक हम इसे स्वयं नहीं समझेंगे और दूसरों को नहीं समझाएँगे, हम उन लोगों को निराश करेंगे जिन्होंने अपनी जान दी.

यह भी पढ़ें- ‘हम होंगे कामयाब’…मलेशिया पहुंचे डेलिगेशन का हिस्सा सलमान खुर्शीद ने कहा- ‘भारत एक स्वर में कह रहा है, आतंकवाद अब और नहीं’

हम सभी ने आतंकवाद के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया है , लेकिन यह विचारधारा क्या है और इसकी शुरुआत कहां से होती है? मैं संक्षिप्त में कहूंगा, क्योंकि मेरे सहयोगियों ने पहले ही जो कहना है, वह कह दिया है और बहुत ऊर्जा के साथ. लेकिन संक्षेप में, मैं आपको बता दूं कि पाकिस्तान का जन्म हिंसा में हुआ था. यह किसी लोकप्रिय आंदोलन के माध्यम से नहीं हुआ था. यह 1946 के महान कलकत्ता हत्याकांड के बाद पैदा हुआ था और 1971 में महान ढाका हत्याकांड के बाद इसकी मृत्यु हो गई और अपनी मृत्यु के बावजूद, यह अपनी प्रतिबद्धता और हिंसा की नीति से पीछे नहीं हटा है. क्योंकि शासक वर्ग और उसके अभिजात वर्ग के लिए यह आनुवंशिक हो गया है.”

-भारत एक्सप्रेस



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