सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में दोषी और बॉलीवुड के मशहूर कमेडीयन राजपाल यादव से संबंधित मामले में मध्यस्थता के लिए भेज दिया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि मामले को मध्यस्थता के जरिए आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है. कोर्ट ने मामले की.मध्यस्थता के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति की है.
मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक दो करोड़ रुपए रजिस्ट्री में जमा करा दिया गया है. साथ कि कोर्ट ने राजपाल यादव को विदेश जाने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ट्रायल कोर्ट शर्तो को तय करेगा.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि पैसा जमा करने के बाद ही दायर अपील पर सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम सजा बढ़ाने के लिए नोटिस जारी करेंगे. हम इसे बढ़ाकर दो साल कर देंगे ठीक है? इसपर राजपाल यादव की ओर से पेश वकील ने कहा था कि कोर्ट ऐसा कर सकता है. कृपया उनकी नेक नीयत पर भी ध्यान दें. वह कोशिश कर रहें है.
जस्टिस बागची ने कहा था कि हम इससे संतुष्ट नहीं है. उनका यह बर्ताव हमें संतुष्ट नहीं करता. आप यह समझ लें कि न तो हम आपकी नेक नियत से प्रभावित हैं और न ही केस की मेरिट से. हम शिकायतकर्ता को उचित राहत देने के मकसद से ही रियायत दे रहे है.
शिकायतकर्ता की रकम सुरक्षित करने के लिए जमा राशि का दिया था निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पैसा जमा करने का निर्देश देने का मकसद शिकायतकर्ता के लिए रकम सुरक्षित करना था और कहा था यादव का बर्ताव संतोषजनक नही था. सीजेआई सूर्यकांत ने मजाक में यह भी कहा था कि फिल्म का टाइटल उनके बर्ताव से मेल खाता है. सीजेआई ने कहा था कि आपकी फिल्म की तरह आपके पैसे भी ‘अता-पता लापता’ यानी गायब हो गए.
सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा था कि आपके पास कोई फिल्म है या ऐसे ही घूम रहे है. तो राजपाल यादव ने कोर्ट से कहा था कि उन्होंने 5 करोड़ के बदले 22 करोड़ रुपए हमने गवां दिया. जिसमें 5 करोड़ इनका भी है. उन्होंने यह भी कहा था, हमने 200 से 250 फिल्म कर चुका है. उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया.
वही राजपाल यादव को कोर्ट को बताया था कि वो एक फिल्म बनाएंगे जिसका टाइटल होगा “सोलह सावन झेल के”. सीजेआई सूर्यकांत ने राजपाल यादव को अच्छी फिल्म बनाने और लोगों का मनोरंजन करने की सलाह दी और मजाक में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाले वकील भी अच्छे एक्टर होते है और उनकी फिल्मों में कास्ट किया जा सकता है.
हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को 3 महीने की सजा सुनाया था, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. मुरली प्रोजेक्ट लिमिटेड ने राजपाल यादव के खिलाफ केस दर्ज कराया था. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अपने फैसले में कहा था कि राजपाल यादव को अपना वादा पूरा करने के कई मौके दिए गए, लेकिन वे ऐसा करने में नाकाम रहे. कोर्ट ने राजपाल यादव को उनके खिलाफ दर्ज 7 मामलों में से हर एक में तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाया था. साथ ही उन्हें हर मामले में 1.05 करोड़ रुपए का जुर्माना भरने को कहा था.
हालांकि सभी सजाए एक साथ चलेगी. हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की पत्नी राधा राजपाल यादव को भी हर मामले में 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है.
-भारत एक्सप्रेस
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