भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस बी. आर. गवई ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच बढ़ते कानूनी संबंधों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ने इन रिश्तों को और मजबूत किया है. यह बयान उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी सम्मेलन के दौरान दिया, जिसमें भारत और यूके के वरिष्ठ न्यायाधीशों और कानूनी विशेषज्ञों ने भाग लिया.
सीजेआई बी. आर. गवई ने बताया कि एफटीए के तहत दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कानूनी सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता न केवल आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देगा, बल्कि कानूनी ढांचे को भी मजबूत करेगा. इससे दोनों देशों के बीच विवाद समाधान, बौद्धिक संपदा अधिकार और व्यापारिक कानूनों में सामंजस्य स्थापित करने में मदद मिलेगी.
इस सम्मेलन में यूके के एक वरिष्ठ न्यायाधीश ने भी भाग लिया, जिन्होंने भारत की न्यायिक प्रणाली की प्रशंसा की और कहा कि भारत का कानूनी ढांचा वैश्विक मंच पर एक मिसाल है. दोनों देशों के बीच कानूनी शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.
सीजेआई बी. आर. गवई ने इस अवसर पर भारत के सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह संस्था न केवल देश में न्याय सुनिश्चित करती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत का प्रतिनिधित्व करती है. इस समझौते से भारत और यूके के बीच भविष्य में और भी मजबूत साझेदारी की उम्मीद की जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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