ED Enforcement Directorate 2
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जून 2025 को “दिल्ली क्लासरूम कन्स्ट्रक्शन घोटाला” मामले में धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में 37 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया. यह छापेमारी सरकारी फंड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाने के उद्देश्य से की गई.
ईडी की कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण और आपराधिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं. तलाशी के दौरान दिल्ली सरकार (GNCTD) से संबंधित मूल विभागीय फाइलें, लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की रबर स्टैम्प, और ऐसे दस्तावेज मिले, जो यह दर्शाते हैं कि GNCTD के विभिन्न विभागों को फर्जी चालान (इनवॉयस) प्रस्तुत किए गए थे. इन चालानों में बढ़ी हुई लागत और फर्जी दावों का उल्लेख था, जिससे सरकारी फंड को नुकसान पहुंचाया गया.
मजदूरों के नाम पर खोले गए 322 फर्जी बैंक खाते
ईडी को इस घोटाले में एक और बड़ा सुराग मिला जब छापेमारी के दौरान 322 बैंक पासबुक जब्त की गईं, जो कथित रूप से मजदूरों के नाम पर खोले गए फर्जी खातों से जुड़ी हैं. इन खातों का उपयोग सरकारी धन को मूल लाभार्थियों से हटाकर निजी व्यक्तियों या कंपनियों के पास ट्रांसफर करने के लिए किया गया. इन खातों को म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) के रूप में इस्तेमाल किया गया, जो मनी लॉन्ड्रिंग के लिए एक सामान्य तकनीक मानी जाती है.
इसके साथ ही तलाशी के दौरान ईडी ने डिजिटल साक्ष्य, अन्य संदिग्ध दस्तावेज, और सरकारी वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी सामग्री भी जब्त की है. इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य इस बात की गहराई से जांच करना है कि किस तरह फर्जी दस्तावेजों और खातों के माध्यम से सरकारी धन को गबन किया गया.
ईडी ने बताया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और दस्तावेजों की समीक्षा, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियां हो सकती हैं. यह घोटाला दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाता है.
-भारत एक्सप्रेस
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