Supreme Court से कर्नाटक के भाजपा सांसद Tejasvi Surya को बड़ी राहत मिल गई है. तेजस्वी सूर्या के खिलाफ कर्नाटक सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है.
सूर्या के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को कर्नाटक हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. यह मामला एक किसान की आत्महत्या को लेकर कथित फेक न्यूज फैलाने से जुड़ा था.
सीजेआई बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले को राजनीतिक रंग देने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “क्या है ये सब? अदालत में मामलों का राजनीतिकरण मत कीजिए अपनी लड़ाई जनता के सामने लड़िये. याचिका को कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट जुर्माना लगाने पर भी विचार करेगा.
कोर्ट ने साफ कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के लिए अदालतों का दुरुपयोग न करें. न्याय का स्थान राजनीति से ऊपर है.
किसान आत्महत्या मामले में केस हुआ रद्द
बता दें कि 7 नवंबर 2024 को भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने 8 नवंबर को कन्नड़ मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सोशल मीडिया पर दावा किया थाकि हावेरी जिले के किसान रुद्रप्पा बालिकाई ने अपनी जमीन पर वक्फ बोर्ड के कब्जे के बाद आत्महत्या कर ली.
उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान पर कर्नाटक में विनाशकारी प्रभाव डालने का आरोप लगाया था. बाद में पुलिस अधीक्षक ने साफ किया था कि किसान की आत्महत्या 6 जनवरी 2022 को हुई थी और इसका वक्फ बोर्ड से कोई संबंध नहीं था.
आत्महत्या का कारण फसल के हुए नुकसान और कर्ज वसूली के दबाव बताया गया है. बाद में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (2) के तहत तेजस्वी सूर्या के खिलाफ सुनियोजित नफरत फैलाने के इरादे से झूठा बयान प्रसारित करने का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था.
हाई कोर्ट ने पाया कि तेजस्वी सूर्या ने पोस्ट बाद में डिलीट कर दी थी और जानबूझकर नफरत फैलाने का कोई ठोस सबूत नहीं है. इसके बाद मामले को रद्द कर दिया गया था.
-भारत एक्सप्रेस
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