Supreme Court: पूर्व सीजेआई जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा लिखे गए पत्र के एक महीने बाद सीजेआई आवास को खाली कर दिया है. पूर्व सीजेआई ने कहा कि इस देरी के पीछे कुछ व्यक्तिगत कारण थे, जिनके बारे में सुप्रीम कोर्ट प्रशासन और मुख्य न्यायाधीशों को सूचित किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने उन पर निर्धारित समय से अधिक समय तक रूकने का आरोप लगाया था. पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा था कि सीजेआई का बंगला खाली करने में उनके तरफ से कोई देरी नही हुई है. उन्होंने कहा था कि पूर्व सीजेआई और पूर्व जस्टिस को सरकारी बंगले कुछ महीने और साल के लिए आवंटित होते रहते है.
क्या बोलें पूर्व CJI चंद्रचूड़
चंद्रचूड़ ने कहा था कि दिल्ली में 5, कृष्ण मेनन मार्ग स्थित आधिकारिक सरकारी बंगला अगले दो सप्ताह तीन सप्ताह में खाली कर देंगे. उन्होंने कहा था कि वो जिस आवास में शिफ्ट होने वाले है, वहां पर रिनोवेशन का काम पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि उनकी दोनों बेटियां स्पेशल केयर चाइल्ड हैं, इसलिए उनकी सहूलियत के हिसाब से घर की जरूरत है और ऐसे घर मिलने में दिक्कत हुई है.
उन्होंने यह भी कहा था कि हमने अपना सामान पैक कर लिया है, हमारा फर्नीचर पैक हो गया है, सिवाय रोजमर्रा के फर्नीचर के. उन्होंने कहा था कि उन्हें जस्टिस संजीव खन्ना ने अप्रैल तक रहने की अनुमति दी थी. उन्होंने अपनी बेटी विशेष जरूरतों के कारण जून तक रहने के लिए कहा था.
बता दें कि हालही में सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने केंद्र सरकार से कहा था कि सीजेआई का सरकारी बंगला तुरंत खाली कराया जाए. यह बंगला 5 कृष्ण मेनन मार्ग पर है. इस बंगले में अभी पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ रह रहे है. सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा लिखे गए पत्र में यह भी कहा गया था कि, वो टाइम लिमिट पूरी हो चुकी है. प्रशासन ने यह भी मांग की है कि सरकार इस बंगले को खाली कराए और इसे कोर्ट के हाउसिंग पुल को वापस करें.
-भारत एक्सप्रेस
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