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राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष की नई रणनीति: चुनावी धांधली, SIR और उपराष्ट्रपति चुनाव पर INDIA गठबंधन की एकजुटता

राहुल गांधी के आवास पर INDIA गठबंधन की अहम बैठक में चुनावी धांधली, मतदाता सूची में गड़बड़ियों और उपराष्ट्रपति चुनाव पर रणनीति बनी. 17 अगस्त से बिहार में ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की शुरुआत होगी.

Rahul Gandhi
Edited by Akansha

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर गुरुवार रात INDIA गठबंधन (INDIA Block) के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. यह बैठक न केवल विपक्ष की एकजुटता को दर्शाती है, बल्कि चुनावी धांधली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में गड़बड़ियों और उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष की स्पष्ट रणनीति का संकेत भी है.

चुनावी धांधली पर राहुल गांधी का प्रेजेंटेशन

राहुल गांधी ने बैठक में एक प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकसभा चुनाव में व्यापक स्तर पर धांधली हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में मतदाता सूचियों में गड़बड़ियां पाई गई हैं और यह पूरी योजना के तहत किया गया एक ‘वोट चोरी मॉडल’ है.

इस प्रेजेंटेशन को INDIA गठबंधन के नेताओं ने गंभीरता से लिया और सभी दलों ने एक स्वर में कहा कि इस मुद्दे को संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह मजबूती से उठाया जाएगा. खास बात यह रही कि SIR (Special Intensive Revision) को भी इस संदर्भ से जोड़ते हुए चर्चा की गई, और यह तय किया गया कि इसे एक व्यापक अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा.

बिहार से ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की शुरुआत

बैठक में यह घोषणा की गई कि राहुल गांधी आगामी 17 अगस्त को बिहार के रोहतास जिले से ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की शुरुआत करेंगे। यह यात्रा 15 दिनों तक चलेगी और इसका समापन पटना में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के साथ होगा.

इस यात्रा का उद्देश्य है — SIR के जरिये मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश को उजागर करना. राहुल गांधी इस यात्रा में जनता से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या गलत जानकारी दर्ज किए जाने के खतरों के प्रति जागरूक करेंगे. इस अभियान में राजद के तेजस्वी यादव सहित बिहार के सभी INDIA गठबंधन के नेताओं को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है.

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SIR और चुनाव आयोग पर विपक्ष का रुख

विपक्ष का मानना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में संस्थाएं मतदाताओं के नाम सूची से जानबूझकर हटा रही हैं, जिससे चुनावों में भाजपा को फायदा पहुंचे. बैठक में तय किया गया कि चुनाव आयोग की भूमिका पर लगातार सवाल उठाए जाएंगे, और इस मुद्दे को व्यापक जनांदोलन का हिस्सा बनाया जाएगा.

उपराष्ट्रपति चुनाव: INDIA गठबंधन उतारेगा अपना उम्मीदवार

एक और अहम निर्णय यह लिया गया कि INDIA गठबंधन उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारेगा. बैठक में मौजूद नेताओं ने सहमति जताई कि भाजपा सरकार के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार से किसी साझा सहमति की उम्मीद नहीं की जा सकती. हालांकि, अगर सरकार बातचीत का प्रस्ताव रखती है, तो गठबंधन उस पर विचार करेगा.

चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव की तारीख घोषित कर दी है. नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त, जांच 22 अगस्त, और नाम वापसी की अंतिम तिथि 25 अगस्त तय की गई है. विपक्ष अब सक्रिय रूप से संभावित नामों पर चर्चा कर रहा है.

बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?

यह बैठक INDIA गठबंधन की राहुल गांधी के आवास पर हुई पहली बड़ी बैठक थी, जिसमें 25 दलों के लगभग 50 नेताओं ने हिस्सा लिया. इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद, टीएमसी, डीएमके, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट), जेएमएम, भाकपा, माकपा, आईयूएमएल, एमएनएम, और अन्य दलों के नेता मौजूद रहे.

राहुल गांधी के नेतृत्व में हो रही इन रणनीतिक बैठक से साफ संकेत कि विपक्ष अब केवल चुनाव परिणामों को स्वीकार करने की भूमिका में नहीं है, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सीधे सवाल उठाने की तैयारी में है. मतदाता सूची की गड़बड़ियों से लेकर उपराष्ट्रपति चुनाव तक, INDIA गठबंधन अब हर मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने के लिए सक्रिय नजर आने लगा है.

‘मतदाता अधिकार यात्रा’ इस विपक्षी मुहिम की जमीन पर शुरुआत होगी, जिसका असर सिर्फ बिहार तक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा.

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-भारत एक्सप्रेस 



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