TMC सांसद महुआ मोइत्रा
दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल और सीबीआई को निर्देश दिया है कि वे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित रूप से धन के बदले संसद में प्रश्न पूछने के मामले में चल रही लोकपाल कार्यवाही की गोपनीयता बनाए रखना सुनिश्चित करें. जस्टिस सचिन दत्ता ने मोइत्रा की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि लोकपाल व सीबीआई को 5 जून को जारी परिपत्र के निर्देशों के साथ वैधानिक प्रावधानों के अनुसार गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है.
जस्टिस ने यह आदेश मोइत्रा की याचिका पर पारित किया जिसमें आरोप लगाया था कि नियमों और परिपत्रों के बावजूद लोकपाल कार्यवाही की गोपनीय भंग हुई है. मोइत्रा के वकील समुद्र सारंगी ने कहा था कि वह किसी से कुछ हटाने को नहीं कह रहे हैं, लेकिन लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के प्रावधानों तथा अधिकारियों के परिपत्र का पालन किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सीबीआई के लोकपाल के समक्ष रिपोर्ट दाखिल होने के तुरंत बाद उसे लीक कर दिया गया. इस मामले में आचार समिति ने मोइत्रा को दोषी ठहराया था और बाद में उन्हें 8 दिसंबर, 2023 को लोकसभा सांसद के पद से निष्कासित कर दिया गया था. उन पर व्यवसायी और मित्र दर्शन हीरानंदानी की ओर से प्रश्न पूछने के बदले नकद प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था.
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भारत एक्सप्रेस
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