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दिल्ली हाईकोर्ट ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी की ओर से दायर उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है

Legal News: दिल्ली हाई कोर्ट ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी थी.

delhi high court

दिल्ली हाईकोर्ट.

Legal News: दिल्ली हाई कोर्ट ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी की ओर से दायर उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें राऊज एवेन्यु कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने खिलाफ याचिका दायर की गई थी. जस्टिस नीना कृष्णा बंसल ने याचिकाकर्ता और ईडी की ओर से दी गई दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता संजय भंडारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय भंडारी की टैक्स देनदारी को लेकर असंगत दावे कर रहा है, कभी 100 करोड़ से कम तो कभी 100 करोड़ से अधिक दिखाता है.

वही ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू और वकील जोहेब हुसैन ने इन दलीलों का विरोध करते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की है. भंडारी द्वारा दायर अर्जी पर निचली अदालत में 2 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है. संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज है और वह 2016 में ब्रिटेन भाग गया था. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था.

टैक्स चोरी और काला धन बाहर भेजने का आरोप

हालही में ब्रिटेन की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण से संबंधित ईडी की याचिका को खारिज कर दिया था. आयकर विभाग ने उसके खिलाफ 2015 में मुकदमा दर्ज किया था, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया था. उस पर काला धन को विदेश भेजने, टैक्स की चोरी करने और रक्षा सौदों में रिश्वत लेने का आरोप है. भंडारी को 2020 में ब्रिटेन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. भंडारी के वकील ने 19 अप्रैल को भगोड़ा घोषित करने की मांग का विरोध किया था और कहा था कि ब्रिटेन में वह कानून के तहत रह रहा है. लंदन हाई कोर्ट ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने से मना कर दिया है.

भंडारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने यह भी कहा था कि उनके मुवक्किल का ब्रिटेन में रहना पूरी तरह वैध है और भारत सरकार यूके की अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकती है. भंडारी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा था कि ईडी की याचिका फगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट की आवश्यक शर्ते पूरी नहीं करती. उन्होंने कहा था कि इस कानून के तहत आरोपी को तभी भगोड़ा घोषित किया जा सकता है जब उस पर लगे आरोपों की राशि 100 करोड़ या उससे अधिक हो. लेकिन आयकर विभाग के दिल्ली हाई कोर्ट में खुद स्वीकार किया था कि संजय भंडारी के खिलाफ कथित कर चोरी और काले धन के आरोपों की राशि 100 करोड़ से कम है.

भंडारी का नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ धन शोधन मामले में ईडी की जारी जांच में भी सामने आया है.


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भारत एक्सप्रेस



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