मुंबई में हेल्थकेयर की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आने वाला है. रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी (Nita Ambani) ने घोषणा की है,
“शहर के बीचों-बीच एक अत्याधुनिक मेडिकल सिटी बनाई जा रही है जिसमें 2000 बेड होंगे. लेकिन यह सिर्फ एक अस्पताल नहीं होगा यह एक ऐसा हेल्थकेयर हब होगा जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बीमारी की पहचान की जाएगी और इलाज के लिए सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा.”
भारत की सबसे बड़ी निजी स्वास्थ्य परियोजनाओं में से एक-Nita Ambani
नीता अंबानी (Nita Ambani) ने बताया कि इस मेडिकल सिटी को भारत की सबसे बड़ी निजी स्वास्थ्य परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है. यहां भारत और दुनिया के बेहतरीन डॉक्टर मिलकर इलाज करेंगे जो इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स को भी पीछे छोड़ देगा. खास बात यह है कि यहां एक मेडिकल कॉलेज भी बनाया जाएगा ताकि भविष्य के डॉक्टरों को तैयार किया जा सके.”
प्रोजेक्ट कामकसद क्या है?
इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ इलाज देना नहीं है बल्कि भारत में हेल्थकेयर इनोवेशन को एक नई दिशा देना है. AI पावर्ड डायग्नॉस्टिक्स से मरीजों की जांच तेज होगी और गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकेगा. इससे इलाज ज्यादा सटीक और समय पर हो पाएगा.
आत्मनिर्भर भारत क्या बोली नीता अंबानी
नीता अंबानी (Nita Ambani) ने यह भी बताया कि यह पहल आत्मनिर्भर भारत की सोच को आगे बढ़ाएगी. उनका मानना है कि हेल्दी लाइफस्टाइल सिर्फ आधुनिक सुविधाओं से नहीं बल्कि प्रकृति से जुड़ाव से भी आता है. इसी सोच के तहत रिलायंस फाउंडेशन मुंबई में एक विशाल कोस्टल गार्डन भी बना रहा है जिसे ‘ग्रीन लंग’ कहा जा रहा है.
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कुल मिलाकर, यह मेडिकल सिटी न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बनने जा रही है. नीता अंबानी ने कहा,
“हमें उम्मीद है कि पूरी दुनिया इसकी ओर देखेगी.”
-भारत एक्सप्रेस
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