केरल में कुलपतियों की नियुक्ति से जुड़े मामले में राज्यपाल ने सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर की गई है. केरल के राज्यपाल की ओर से यह याचिका दायर की गई है. दायर अर्जी में यूजीसी को पक्षकार बनाने, मुख्यमंत्री को चयन प्रक्रिया से बाहर रखने की मांग की गई है. साथ ही याचिका में सर्च कमेटी द्वारा कुलपतियों को नाम सौपनें, यूजीसी के सदस्यों को शामिल करने की मांग की गई है. इतना ही नही दायर अर्जी में 18 अगस्त के आदेश से असहमति संबंधी प्रावधान को हटाने की भी मांग की गई है.
कोर्ट ने राज्यपाल की ओर से दायर याचिका पर की सुनवाई
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केरल के दो विश्वविद्यालय के नियमित कुलपति की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुधांशू धुलिया को चयन समिति का सह अध्यक्ष नियुक्त किया था. कोर्ट ने केरल के राज्यपाल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद रिटायर्ड जस्टिस धुलिया को नियुक्त करने का फैसला किया था.
जस्टिस धुलिया की अध्यक्षता वाली यह समिति एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और डिजिटल विज्ञान नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नियमित कुलपति नियुक्तियों के लिए योग्य अभ्यर्थियों की सूची तैयार करेगी. कोर्ट ने जस्टिस धुलिया को दोनों विश्वविद्यालयों के लिए एक अलग या संयुक्त समिति गठित करने के लिए अधिकृत किया, जिसमें पांच सदस्य होंगे, जिनमें केरल के राज्यपाल और राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित दो-दो सदस्य शामिल होंगे.
कोर्ट ने केरल सरकार को दिया था आदेश
कोर्ट ने केरल सरकार और राज्य के राज्यपाल के बीच लंबे समय चल रही खींचतान के बीच यह आदेश दिया था. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि इस गतिरोध को जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया था कि कुलपति नियुक्तियों में राज्यपाल और राज्य सरकार की शक्तियों से जुड़ें व्यापक संवैधानिक और कानूनी प्रश्न इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद अलग से तय किया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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