RJD में फूट!
Bihar Assembly Election 2025: बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव का परिवार हमेशा से सुर्खियों में रहा है. लेकिन, इस बार उनके घर से एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. 18 सितंबर 2025 को रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ बवाल अब एक नए मुकान पर पहुंच गया. पहले संजय यादव को ‘सबस्टैंडर्ड’ का इंसान बताया और अब अचानक सोशल मीडिया पर पार्टी और परिवार से दूरी बना ली है. सियासी गलियों में कहा जा रहा है कि उनके लिए पार्टी और परिवार ही ‘सबस्टैंडर्ड’ के हो गए हैं.
लालू की बेटी और आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने अचानक सोशल मीडिया पर पार्टी और परिवार से दूरी बना ली है. उन्होंने अपने अकाउंट से लालू, राबड़ी और तेजस्वी की तस्वीरों के साथ-साथ कई आरजेडी नेताओं को अनफॉलो कर दिया है. यह कदम अचानक नहीं, बल्कि तेजस्वी के करीबी संजय यादव पर दिए गए एक बयान के बाद उठाया गया है, जो पार्टी के अंदर की कलह को साफ दिखाता है.
नेताओं के साथ तस्वीरें हटाई
रोहिणी आचार्य पार्टी और परिवार के शीर्ष नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें हटा दी हैं. उन्होंने अपने फेसबुक प्रोफाइल पिक्चर से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और भाई तेजस्वी यादव की तस्वीरें हटा दी हैं और अब उनकी प्रोफाइल पिक्चर में सिर्फ उनकी अकेले की तस्वीर है. रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स अकाउंट पर भी बड़ा बदलाव किया है. उन्होंने आरजेडी समेत 58 नेताओं को अनफॉलो कर दिया है. पहले वह 61 प्रोफाइल को फॉलो करती थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई है, जो राजनीति से इतर हैं.
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क्या है इसके पीछे का कारण?
रोहिणी आचार्य के इन बदलावों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है. आचार्य के इस कदम के पीछे का कारण उनके हालिया पोस्ट को माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने तेजस्वी यादव के करीबी सांसद संजय यादव पर निशाना साधा था. इस पोस्ट के बाद काफी विवाद हुआ था, जिसके बाद रोहिणी आचार्य ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया था और अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट कर दिया था. अब जब उन्होंने अपना अकाउंट पब्लिक किया है, तो कई बदलाव देखने को मिले हैं.
आंतरिक मतभेदों का संकेत
रोहिणी आचार्य का यह कदम सिर्फ एक सोशल मीडिया ‘ड्रामा’ नहीं है, बल्कि यह लालू परिवार में चल रहे आंतरिक मतभेदों का संकेत है. उनका यह व्यवहार दिखाता है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है. ऐसे में, आगामी बिहार चुनावों से पहले परिवार और पार्टी के बीच इस तरह की अनबन आरजेडी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि लालू परिवार इस बढ़ते विवाद को कैसे संभालता है और क्या रोहिणी आचार्य अपनी नाराजगी खुलकर सामने लाती हैं.
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