Aaj Ka Panchang 25 September 2025: 25 सितम्बर 2025, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आश्विन माह का यह समय नवरात्रि से जुड़ा हुआ है और देवी की उपासना के लिए विशेष फलदायी होता है. पंचांग के अनुसार इस दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और करण के साथ-साथ सूर्य व चंद्रमा की स्थिति, शुभ मुहूर्त, अशुभ समय, दिशा शूल तथा ग्रहबल आदि की जानकारी हमें बताती है कि किस समय कौन सा कार्य करना हितकर रहेगा.
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
इस दिन का सूर्योदय लगभग सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 16 मिनट पर होगा. सूर्य इस समय कन्या राशि में स्थित है, जबकि चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में विचरण करेगा.
सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति जीवन में संतुलन और व्यवहारिकता पर बल देती है. सूर्य आत्मबल और आत्मविश्वास का द्योतक है, जबकि तुला राशि में चंद्रमा व्यक्ति को संबंधों में सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा देता है.
शुभ मुहूर्त
इस दिन पूजा, व्रत और नए कार्यों के लिए कई शुभ समय उपलब्ध रहेंगे. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक विशेष शुभ माना गया है. इसके अतिरिक्त अमृत काल सुबह 9 बजकर 17 मिनट से 11 बजकर 5 मिनट तक रहेगा. इन कालों में किया गया कार्य सफलता और शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है.
अशुभ समय
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अशुभ समयों से बचना आवश्यक है. इस दिन राहुकाल दोपहर 1 बजकर 43 मिनट से 3 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 41 मिनट तक यमगण्ड काल रहेगा. इसी प्रकार 9 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक गुलिक काल और 10 बजकर 12 मिनट से 11 बजे तक व 3 बजकर 5 मिनट से 3 बजकर 53 मिनट तक दुर्मुहूर्त रहेगा. रात्रि में 1 बजकर 26 मिनट से 3 बजकर 14 मिनट तक वर्ज्य काल भी रहेगा. इन समयों में शुभ कार्य या यात्रा टालनी चाहिए.
दिशा शूल
आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा. ज्योतिष के अनुसार इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा या उस दिशा में कोई बड़ा कार्य प्रारंभ करना अशुभ परिणाम दे सकता है. यदि अत्यावश्यक हो तो खीर, दही या जीरे का सेवन कर यात्रा करने से दोष का प्रभाव कम हो जाता है.
सूर्यबल और चंद्रबल
इस दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे. सूर्य अपने स्वगृह में न होकर कन्या राशि में है, इसलिए उसका बल सामान्य माना जाएगा.
चंद्रमा तुला राशि में रहते हुए संतुलन और सहयोग की ऊर्जा देता है, किन्तु यह भी अपने उच्चतम बल की स्थिति में नहीं है. अतः कहा जा सकता है कि सूर्य और चंद्रमा दोनों का बल मध्यम है, जिससे सामान्य स्थिरता बनी रहती है, परंतु अत्यधिक शक्ति का लाभ नहीं मिलता.
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-भारत एक्सप्रेस
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