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दिल्ली हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर लगाया रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में जेल में बंद आप के पूर्व पाषर्ड ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर दी. मामले में गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष के आरोपों के बावजूद कोर्ट ने राहत देने से इनकार किया.

दिल्ली हाईकोर्ट से दिल्ली दंगे के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पाषर्द ताहिर हुसैन को झटका लगा है. कोर्ट ने ताहिर हुसैन को जमानत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ताहिर हुसैन की ओर से दायर पांचवी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया है. पूर्व पाषर्द के वकील तारा नरूला के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया था कि वह पांच साल से अधिक का समय जेल में है. मुकदमे में तेजी लाने के लिए निचली अदालत के अथक प्रयासों के बावजूद सुनवाई पूरा होने में समय लग सकता है.

निचली अदालत ने 12 मार्च को बिना आधार के उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी जबकि इस घटना में उसके संलिप्त होने की कोई सबूत नहीं है. इस मामले में उसके खिलाफ उकसाने का आरोप है. इस मामले के तीन गवाहों में से तीन ने उसके बारे में घटना स्थल पर मौजूद होने की बात नहीं कही है, जबकि दो ने दोषमुक्त कर दिया है. इस तरह से कहा जा सकता है कि गवाहोंने बयानों में विरोधभास है. बयानों का विसनीय नहीं माना जा सकता है. आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया जाए.

हिंसा और आगजनी का मामला कोर्ट में लंबित

पुलिस के अनुसार 26 फरवरी, 2020 को शिकायतकर्ता रविंदर कुमार ने दयालपुर थाने के अधिकारियों को सूचित किया कि उनका बेटा अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 से लापता है. बाद में कुछ लोगों से पता चला कि एक व्यक्ति की हत्या करने के बाद उसे चांद बाग पुलिया स्थित मस्जिद से खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था. पुलिस ने कहा कि शर्मा का शव खजूरी खास नाले से बरामद किया गया था. उनके शरीर पर 51 चोटों के निशान थे. हुसैन इस मामले में आरोपियों में से एक है.

अभियोजन पक्ष ने कहा है कि चार आरोपी व्यक्ति भी हिंसक भीड़ का हिस्सा थे, जो दंगा और आगजनी की घटनाओं में शामिल था. उसमें शर्मा की मौत हो गई थी. नागरिकता कानून समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के नियंत्रण से  बाहर होने के बाद 24 फरवरी, 2020 को पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुई थी. उसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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