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RSS History: कौन थे वो 17 लोग जिनकी मौजूदगी में हेडगेवार ने बनाया था संघ?

RSS 100 Year Journey: संघ के 100 साल होने वाले हैं. डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार घर से इसकी शुरुआत हुई था. पहले बैठक में सिर्फ 17 लोग शामिल हुए थे. आइये जानें वो कौन थे?

RSS 100 Year Journey Know 17 Founding Members Names Including Dr Hedgewar Who Started Sangh

आरएसएस की पहली मीटिंग

History Of RSS 100 Year Journey: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जल्द ही अपनी स्थापना के 100 साल पूरे करने जा रहा है. इस लंबी यात्रा की शुरुआत एक साधारण से घर में हुई थी, जो आज देश भर के स्वयंसेवकों के लिए आस्था का केंद्र है. 1925 में संयोग से दशहरे के दिन, संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के घर पर पहली महत्वपूर्ण मीटिंग हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि उस ऐतिहासिक बैठक में डॉ. हेडगेवार के साथ सिर्फ 17 लोग मौजूद थे.

पूर्व में कांग्रेस के मध्य प्रांत के अध्यक्ष रहे डॉ. हेडगेवार ने कांग्रेस छोड़कर स्वतंत्र भारत में हिंदू समाज की जागरूकता के लिए इस संगठन का गठन किया था. इसकी स्थापना 27 सितंबर, 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के घर पर हुई थी. उस दिन दशहरे का त्योहार था और 17 लोग इस महत्वपूर्ण मीटिंग में मौजूद थे.

क्या था हेडगेवार का उद्देश्य? (History Of RSS 100 Year Journey)

डॉ. हेडगेवार का उद्देश्य था कि स्वतंत्र भारत में हिंदू समाज की जागरूकता के लिए एक संगठन का निर्माण हो. वह एक दौर में कांग्रेस में थे और मध्य प्रांत के अध्यक्ष हुआ करते थे, लेकिन उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आरएसएस का गठन किया. आरएसएस की पहली मीटिंग का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी दिन से संघ की शुरुआत हुई थी. तब से आरएसएस दशहरे को एक उत्सव के रूप में मनाता है और इस दिन पथ संचलनों का भी आयोजन किया जाता है.

कौन थे 17 लोग? (RSS Founding Members)

  1. डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार
  2. बापूजी साठे
  3. प्रल्हाद ठाकरे
  4. बालाजी हेडगेवार
  5. बापूराव भेड़ी
  6. भाऊजी कावरे
  7. अन्ना सोहनी
  8. विश्वनाथ राव केलकर
  9. रघुनाथराव बांडे
  10. अन्ना वैद्य
  11. नरहर पालेकर
  12. दादाराव परमार्थ
  13. अन्नाजी गायकवाड़
  14. बाबूराव तेलंग
  15. तात्या तेलंग
  16. बालासाहेब आठाल्ये
  17. भाऊजी दाफे

हेडगेवार के घर का महत्व (History Of RSS)

आरएसएस ने भारत छोड़ो आंदोलन, आजादी, विभाजन, आपातकाल से लेकर अब तक देश और समाज के जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. यही नहीं, तीन बार प्रतिबंधों का भी सामना किया, लेकिन हर बार आरएसएस पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरा है. हेडगेवार के जिस घर पर आरएसएस की पहली बैठक हुई थी, आज वह देश भर के स्वयंसेवकों के लिए आस्था का केंद्र है. अकसर देश भर के स्वयंसेवक यहां पहुंचते हैं और यादें ताजा करते हैं.

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100 साल पूरे (100 Year Of RSS)

आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं. 2 अक्तूबर को होने वाले विजयादशमी पर्व के साथ ही RSS अपनी स्थापना के 100 सालों के उत्सव को मनाने की शुरुआत करेगा. इस अवसर पर देश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और आरएसएस के स्वयंसेवक अपनी एकता और संगठन का प्रदर्शन करेंगे. आरएसएस की स्थापना एक महत्वपूर्ण घटना थी जिसने भारतीय समाज को एक नई दिशा देने का काम किया. आज आरएसएस देश का एक प्रमुख संगठन है जो सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल है.



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