गोवा सरकार की बहुप्रतीक्षित ‘माझे घर’ योजना का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अक्टूबर को करेंगे. इस योजना के तहत सरकारी जमीन पर बसे लोगों को उनके घर के मालिकाना हक दिए जाएंगे. खास बात यह है कि योजना में घरों के निर्माण वर्ष के आधार पर फीस संरचना तय की गई है. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने जानकारी दी कि इस योजना का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अक्टूबर को शाम 4 बजे वर्चुअल माध्यम से करेंगे. कार्यक्रम का आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में किया जाएगा.
निर्माण वर्ष के आधार पर शुल्क तय
इस दौरान अन्य विकासात्मक योजनाओं की भी शुरुआत की जाएगी. लाभार्थियों के लिए परिवहन और जलपान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. राज्य कैबिनेट ने घरों के निर्माण के लिए वर्ष के आधार पर अलग-अलग शुल्क तय किए हैं. ये शुल्क सरकारी जमीन पर बने घरों के लिए लागू होंगे. 1972 से पहले बने घरों के मालिकों से केवल 25 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा. 1973 से 1986 के बीच बने घरों के मालिकों से न्यूनतम भूमि दर का 50 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा. 1987 से 2000 के बीच बने घरों के मालिकों को न्यूनतम भूमि दर का 75 प्रतिशत शुल्क देना होगा. 2001 से 2014 के बीच बने घरों के मालिकों से पूरी न्यूनतम भूमि दर वसूली जाएगी, जो 2014 में अधिसूचित दरों के अनुसार होगी.
लोगों को मिलेगा कानूनी अधिकार और आर्थिक मजबूती
इन सभी श्रेणियों में वही लोग शामिल होंगे, जिनके मकान सरकारी जमीन पर स्थित हैं. योजना का उद्देश्य दशकों से सरकारी जमीन पर बसे लोगों को मालिकाना हक देना है, ताकि वे अपने घरों का नवीनीकरण कर सकें, बैंक से लोन ले सकें और कानूनी रूप से संपत्ति का हस्तांतरण कर सकें. मुख्यमंत्री सावंत ने बताया कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी शामिल होंगे. सरकार ने उनकी सुविधा के लिए परिवहन और जलपान की व्यवस्था की है.
‘माझे घर’ योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो लोगों को न सिर्फ कानूनी अधिकार देगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाएगी.
ये भी पढ़ें: बुलडोजर से रौंदा जाएगा मौलाना का ‘रसूख’, बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर शुरू हुई कार्रवाई
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


