MP News: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक युवक को एक ब्राह्मण व्यक्ति का “अपमान” करने की सजा के रूप में उसके पैर धोने और पानी पीने के लिए मजबूर किया गया. इस घटना के वायरल हो रहे वीडियो ने क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है. हालांकि, मामले में पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द्र को बिगाड़ने वाले कृत्य से संबंधित मामला भी शामिल है. यह एफआईआर कुशवाहा समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर दर्ज की गई है.
क्या है पूरा मामला ?
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के परषोत्तम कुशवाहा को एक ब्राह्मण अन्नू पांडे के पैर धोने और ग्रामीणों के सामने पानी पीने के लिए कहा गया. उन पर 5,100 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया और ब्राह्मण समुदाय से माफी मांगने को कहा गया.
इसकी शुरुआत गांव स्तर के विवाद से हुई. सतारिया गांव ने शराबबंदी की घोषणा कर दी है. परषोत्तम कुशवाहा और अन्नू पांडे इसी गांव में रहते हैं. शराबबंदी के बावजूद अन्नू पांडे शराब बेचता रहा. पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने उसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और 2,100 रुपये का जुर्माना भरने की सज़ा दी, जिसे अन्नू पांडे ने स्वीकार कर लिया.
लेकिन मामले ने तब अलग मोड़ ले लिया जब परषोत्तम ने जूतों की माला पहने अन्नू की एआई-जनरेटेड फोटो बनाकर शेयर की. हालांकि उन्होंने पोस्ट को कुछ ही मिनटों में हटा दिया और माफी मांगी, लेकिन कुछ लोगों ने परषोत्तम के इस हरकत को ब्राह्मण समुदाय के अपमान के रूप में देखा और इस विवाद को जातिगत मोड़ जोड़ दिया.
इसके बाद ब्राह्मण समुदाय का एक समूह इकट्ठा हुआ और मांग की कि परषोत्तम अपने हरकत के लिए “प्रायश्चित” करे. दबाव में आकर युवक को अन्नू के पैर धोने, उसी पानी को पीने और पूरे समुदाय से माफी मांगने की अपमानजनक रस्म निभाने के लिए मजबूर किया गया. विचलित करने वाले इस वीडियो में परषोत्तम को घुटनों के बल बैठकर अन्नू के पैर धोते हुए दिखाया गया है.
अन्नू पांडे मेरे परिवार के गुरु हैं: परषोत्तम
वीडियो वायरल होने के बाद दोनों पक्ष के लोगों ने गुस्से को कम करने की कोशिश की. परषोत्तम ने एक वीडियो अपील में अधिकारियों से वायरल फुटेज को इंटरनेट से हटाने का आग्रह किया.
परषोत्तम ने कहा, “मैंने गलती की और मैंने माफी मांगी है. अन्नू पांडे मेरे परिवार के गुरु हैं. कृपया इसे राजनीतिक न बनाएं.” वहीं अन्नू पांडे ने भी इसे आपसी मामला बताया जिसे सुलझा लिया गया है. अन्नू पांडे ने कहा, “कुछ लोग इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं. हमारे बीच गुरु-शिष्य का रिश्ता है. मैंने उन्हें अपमानित नहीं किया. यह स्वैच्छिक था.”
हालांकि घटना को सामान बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है पर ऐसी घटना आज भी ग्रामीण भारत में सामाजिक परिवेश में गहराई से मौजूद जातिगत श्रेष्ठता दिखाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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