Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामों से RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव की संपत्ति का राज खुल गया है. तेज प्रताप, जो महुआ सीट से अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, ने अपनी कुल संपत्ति 2.88 करोड़ रुपये बताई है.
इसमें चल संपत्ति करीब 91.65 लाख रुपये है, जिसमें 1.10 लाख रुपये नकद, 200 ग्राम सोने के गहने (मूल्य 22 लाख रुपये) और तीन कारें- बीएमडब्ल्यू (13 लाख), होंडा अमेज (7.20 लाख) व स्कॉडा (15.17 लाख) शामिल हैं. अचल संपत्ति 1.96 करोड़ रुपये आंकी गई है.
तेजस्वी की संपत्ति तेज प्रताप से 5 करोड़ ज्यादा?
वहीं, तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से आरजेडी के टिकट पर अपनी, पत्नी राजश्री (रेचल आईरिस), बेटी कात्यायनी व बेटे एयराज लालू की संयुक्त संपत्ति 8.1 करोड़ रुपये बताई. तेजस्वी की व्यक्तिगत चल संपत्ति 6.12 करोड़ रुपये है, जिसमें 2.75 लाख नकद और परिवार में कुल 1 किलो सोना (मूल्य 80 लाख रुपये) व 3.5 किलो चांदी शामिल है. अचल संपत्ति 1.88 करोड़ रुपये (व्यक्तिगत) के साथ पत्नी की 59.69 लाख की अतिरिक्त संपत्ति है. इस तरह तेजस्वी की संपत्ति तेज प्रताप से करीब 5 करोड़ ज्यादा है.

दोनों भाईयों के बीच संपत्ति में इतना फर्क
तेज प्रताप की चल संपत्ति तेजस्वी की तुलना में काफी कम है, खासकर सोने-चांदी व बैंक जमा में. तेज प्रताप के पास तीन लग्जरी कारें हैं, जबकि तेजस्वी के हलफनामे में कोई वाहन नहीं दिखाया गया. हालांकि, तेज प्रताप की अचल संपत्ति थोड़ी ज्यादा (1.96 करोड़ बनाम 1.88 करोड़) है, लेकिन तेजस्वी के परिवार की संयुक्त संपत्ति कुल आंकड़े को ऊंचा कर देती है. तेजस्वी पर 55.55 लाख व्यक्तिगत कर्ज व 1.35 करोड़ सरकारी बकाया है, जबकि तेज प्रताप ने कोई देनदारी नहीं बताई. आपराधिक मामलों में भी तेजस्वी पर 22 केस हैं, तेज प्रताप पर 8. शिक्षा के मामले में तेज प्रताप इंटरमीडिएट पास हैं, तेजस्वी 9वीं तक. ये आंकड़े संपत्ति के स्रोतों या वृद्धि पर कोई टिप्पणी नहीं करते, लेकिन पारिवारिक विवाद के बीच ये खुलासे चर्चा का विषय बने हैं.
तेज प्रताप और तेजस्वी का राजनीतिक सफर
लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने 2015 में RJD से विधायक बनकर राजनीति में कदम रखा और पर्यावरण मंत्री भी रहे, लेकिन विवादास्पद बयानों व पारिवारिक कलह के कारण 2023 में पार्टी से निष्कासित हो गए. अब वे अपनी जनशक्ति जनता दल से महुआ से चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं, छोटे भाई तेजस्वी यादव ने 2015 में ही विधायक बन उपमुख्यमंत्री (2015-2017) व फिर 2022 में फिर उपमुख्यमंत्री बने. वे आरजेडी के युवा चेहरा हैं, जो लालू की विरासत संभालते हुए विपक्षी गठबंधन में अहम भूमिका निभा रहे हैं. दोनों भाई बिहार की राजनीति में यादव परिवार की ताकत के प्रतीक हैं, लेकिन आपसी मतभेद ने उनकी राहें अलग कर दीं.
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