राहुल गांधी की बिहार चुनाव में अनुपस्थित
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का रणक्षेत्र अब केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि नेतृत्व के समर्पण की परीक्षा बन गया है. एक ओर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और तेजस्वी यादव जैसे शीर्ष नेता धूल फांकते हुए ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं. वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की चली आ रही अनुपस्थिति कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई है. उनकी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से बनी जमीनी रफ्तार अब पार्टी के अंदर ही लगे ‘टिकट चोर, बिहार छोड़’ जैसे विद्रोह भरे नारों से कमजोर पड़ रही है.
बिहार चुनाव (Bihar Election Update) से पहले राहुल गांधी की गैरहाज़िरी पर सियासी चर्चा तेज है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी दो महीने से बिहार नहीं आए हैं, जबकि मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं. राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर कांग्रेस के अंदर और बाहर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इस बीच सवाल भी पूंछा जा रहा है कि आखिर वो हैं कहां? क्योंकि, कुछ दिनों पहले वो दिल्ली में इमरती बनाते नजर आए थे.
चुनाव के बीच कांग्रेस की चिंता (Congress Campaign In Bihar election)
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर चिंता है. कार्यकर्ता पूछ रहे हैं कि ‘राहुल गांधी कहां हैं?’ कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति से पार्टी को नुकसान हो रहा है. वहीं बीजेपी और NDA के अन्य दलों के लिए यह एक अवसर बन गया है. बीजेपी ने राहुल गांधी की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाया है. बीजेपी प्रवक्ता संजय मयूख ने कहा कि राहुल गांधी को बिहार के मतदाताओं पर भरोसा नहीं है, इसीलिए वो चुनावी मैदान से दूर हैं.
गैरमौजूदगी क्यों खल रही?
- NDA की तरफ से मोदी, अमित शाह, योगी सब रैली कर रहे हैं.
- महागठबंधन में में तेजस्वी ने दर्जनों सभाएं कर चुके हैं.
- प्रशांत किशोर (जन सुराज) भी ज़ोर-शोर से प्रचार के लिए घूम रहे है.
- राहुल गांधी 20 अक्टूबर को दिल्ली में इमरती बना रहे थे.
- अभी तक बिहार में कैंपेन का नामोनिशान नहीं देखने को मिला.
क्या बिहार में वापसी करेंगे राहुल?
कुछ जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति एक सोची-समझी रणनीति (Bihar Election Congress Strategy) है. राहुल सामने आते हैं, तो बीजेपी चुनाव को ‘मोदी बनाम राहुल’ की सीधी लड़ाई बना देती है, जिससे फायदा बीजेपी को होता है. खैर कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा है कि छठ पूजा के बाद राहुल गांधी बिहार में चुनाव प्रचार शुरू करेंगे. उनके साथ प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी रैलियां करेंगे. राहुल गांधी 2 नवंबर को खगड़िया में पहली रैली कर सकते हैं.
वापसी की सूत्र वाली तारीख
- राहुल पहली रैली 2 नवंबर को खगड़िया में करेंगे.
- वहीं प्रियंका गांधी 1 नवंबर को बिहार में रैली करेंगी.
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कांग्रेस को हो सकता है भारी नुकसान
राहुल गांधी का बिहार चुनाव से दूर रहना, चाहे वह ‘मोदी बनाम राहुल’ के ध्रुवीकृत मुकाबले से बचने की सोची-समझी रणनीति हो या उनकी वास्तविक उदासीनता. यह कांग्रेस के लिए एक महंगी कीमत चुकाने वाला दांव साबित हो सकता है. उनकी अनुपस्थिति ने न केवल NDA को हमला करने का मौका दिया है, बल्कि पार्टी के भीतर खुला विद्रोह भी भड़का दिया है.
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