सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रेलवे (Indian Railway) से पूछा है कि दुर्घटना बीमा कवर केवल ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले यात्रियों को ही क्यों दिया जाता है? ऑफलाइन टिकट बुक करने वालों को क्यों नहीं दिया जाता है? जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने रेलवे से यह सवाल पूछा है. कोर्ट 13 जनवरी 2026 को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मामले की सुनवाई के दौरान को बताया गया है दुर्घटनाओं के लिए बीमा कवर केवल ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले यात्रियों को दिया जाता है. कोर्ट ने रेलवे की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल बिक्रमजीत बनर्जी से अंतर को स्पष्ट करने के लिए कहा है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और यह समझना जरूरी है कि दोनों तरह से टिकट खरीदने वाले यात्रियों में भेदभाव क्यों किया जा रहा है.
केवल ऑनलाइन टिकट में बीमा कवर
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बीमा जैसी मूलभूत सुरक्षा सभी यात्रियों के लिए समान होनी चाहिए. मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि दुर्घटनाओं को कवर करने के लिए ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले यात्रियों को बीमा कवर प्रदान किया जाता है. जो ऑफलाइन टिकट खरीदने वालों के लिए उपलब्ध नहीं है.
दो मुद्दों पर हलफनामा
अदालत ने रेलवे द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का भी अवलोकन किया और कहा कि शुरुआती चरण में पटरियों और रेलवे क्रॉसिंग की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, जिससे अन्य पहलुओं पर भी रोशनी पड़ेगी. कोर्ट ने इस दौरान रेलवे को दो मुद्दों पर हलफनामा या रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट नें दुर्घटना बीमा से जुड़े सवालों का जवाब देने को भी कहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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