मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर चार्जशीट पर राऊज एवेन्यु कोर्ट (Rouse Avenue Court) 24 जनवरी को विचार करेगा. कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले ईडी से अतिरिक्त दस्तवेजों की मांग की है. वाड्रा का इस मामले में जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत बयान दर्ज किया गया था.
हथियार डीलर से जुड़ा मामला
यह मामला ब्रिटेन में प्रॉपर्टी खरीदने और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित हैं. इसके तार भगोड़े हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े हुए हैं. वाड्रा को 9वें नंबर का आरोपी बनाया गया है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वाड्रा के खिलाफ यह दूसरा चार्जशीट दाखिल किया गया है. संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज है और वह 2016 में ब्रिटेन भाग गया था. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था.
हालही में ब्रिटेन की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण से संबंधित ईडी की याचिका को खारिज कर दिया था. आयकर विभाग ने उसके खिलाफ 2015 में मुकदमा दर्ज किया था, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया था. उस पर काला धन को विदेश भेजने, टैक्स की चोरी करने और रक्षा सौदों में रिश्वत लेने का आरोप है. भंडारी को 2020 में ब्रिटेन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.
भगोड़ा घोषित करने की मांग
भंडारी के वकील ने 19 अप्रैल को भगोड़ा घोषित करने की मांग का विरोध किया था और कहा था कि ब्रिटेन में वह कानून के तहत रह रहा है. लंदन हाई कोर्ट ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने से मना कर दिया है. भंडारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने यह भी कहा था कि उनके मुवक्किल का ब्रिटेन में रहना पूरी तरह वैध है और भारत सरकार यूके की अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकती है.
राशि 100 करोड़ से कम
भंडारी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा था कि ईडी की याचिका फगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट की आवश्यक शर्ते पूरी नहीं करती. उन्होंने कहा था कि इस कानून के तहत आरोपी को तभी भगोड़ा घोषित किया जा सकता है जब उस पर लगे आरोपों की राशि 100 करोड़ या उससे अधिक हो. लेकिन आयकर विभाग के दिल्ली हाई कोर्ट में खुद स्वीकार किया था कि संजय भंडारी के खिलाफ कथित कर चोरी और काले धन के आरोपों की राशि 100 करोड़ से कम है. भंडारी का नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ धन शोधन मामले में ईडी की जारी जांच में भी सामने आया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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