Donald Trump Scandal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक भार फिर मुश्किलों में नजर आ रहे हैं. अमेरिकी भीतर न्याय विभाग (DOJ) एपस्टीन सेक्स स्कैंडल (Epstein scandal) केस से जुड़े ईमेल, तस्वीरें और डॉक्यूमेंट्स पब्लिक करेगी. इस स्कैंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी नाम शामिल है.
क्या है पूरा मामला? (What is the Epstein Sex Scandal?)
अमेरिकी नागरिक जेफ्री एपस्टीन (Epstein scandal) पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण से जुड़े एक बड़े सेक्स रैकेट को संचालित करने के गंभीर आरोप लगे थे. आरोपों के मुताबिक, इस नेटवर्क में अमेरिका और दुनिया भर के कई प्रभावशाली और बेहद अमीर लोग शामिल बताए जाते हैं, जिन पर नाबालिग लड़कियों के शोषण का संदेह जताया गया है. इसी मामले से जुड़ी 19 तस्वीरें 12 दिसंबर को पब्लिक हो चुकी है. इसमें 3 फोटो राष्ट्रपति ट्रंप की है. इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, अरबपति बिल गेट्स जैसे बड़ी हस्तियों की तस्वीरें भी सार्वजनिक हुईं.

ट्रंप का नाम कैसे आया (How Donald Trump’s Name Emerged in Epstein Case)
साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं. इस रिपोर्ट में पता चला की वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया. इस घटना ने पूरे विश्व में सनसनी फैला दी. 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए.

इन महिलाओं में वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी. उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए. उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था. उसने आरोप लगाया था कि वह सिर्फ 16 साल की थी जब वह डोनाल्ड ट्रम्प के क्लब मार-ए-लागो में काम कर रही थी. वहीं पर उसकी मुलाकात गिस्लेन मैक्सवेल (एप्सटीन की पत्नी) से हुई थी. उसने दावा किया की वह एप्सटीन और गिस्लेन मैक्सवेल के साथ 3 साल तक काम किया. इस दौरान उसे दुनियाभर की जगहों पर प्राइवेट जेट से भेजा गया और वहां उसे प्रभावशाली लोगों के साथ ‘यौन संबंध’ बनाने को मजबूर किया गया.

गिफ्रे ने ब्रिटेन के शाही परिवार के प्रिंस एंड्रयू पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने उसके साथ जबरदस्ती की, जब वह नाबालिग थी. यह मामला ब्रिटिश मीडिया में बहुत बड़ा विवाद बना. गिफ्रे ने यह नहीं कहा कि ट्रम्प ने उसका शोषण किया, लेकिन यह बात सामने आई कि मार-ए-लागो क्लब ही वह जगह थी जहां से उसे “भर्ती” किया गया. इसी साल अप्रैल 2025 में वर्जीनिया गिफ्रे की मौत हो गई. इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन इसने एक बार फिर इस केस को चर्चा में ला दिया.
ट्रंप की फुटेज हुई वायरल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन का दावा था कि ट्रम्प को खूबसूरत लड़कियां पसंद है. ट्रम्प और एपस्टीन की मुलाकात एक पार्टी में हुई थी. 2002 में ट्रम्प ने एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में यह बात कही थी. “मैं जेफ को 15 साल से जानता हूं, कमाल का आदमी है. हम दोनों को कम उम्र की खूबसूरत लड़कियां पसंद हैं”.

यह बयान बाद में ट्रम्प के लिए मुसीबत बन गया. 1992 में ट्रम्प ने फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में एपस्टीन और चीयरलीडर्स के साथ एक पार्टी की. 2019 में MSNBC न्यूज चैनल ने इसका एक फुटेज जारी किया था. जिसेक बाद डोनाल्ड ट्रंप को बहुत आलोचना झेलनी पड़ी.
In 1992 Trump partied with Jeffrey Epstein. Just gonna leave this here: pic.twitter.com/eUFm7cGVab
— Natalie F Danelishen (@Chesschick01) June 5, 2025
इसमें ट्रम्प, एपस्टीन को एक महिला की ओर इशारा करते दिखते हैं और झुककर कहते हैं- देखो वह बहुत हॉट है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ट्रम्प ने 7 बार एपस्टीन के प्राइवेट जेट से ट्रैवल किया था. न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक ट्रम्प ने ये सफर 1993 से 1997 के बीच किया था. हालांकि ये उड़ानें ज्यादातर पाम बीच और न्यूयॉर्क के बीच थीं. ट्रम्प ने कहा था कि उन्होंने कभी एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड का टूर नहीं किया और न ही कोई गलत काम किया.
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दोनों सदनों से पास हुआ
पिछले महीने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों ने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को पब्लिक करने वाला एक्ट भारी बहुमत से पास कर दिया था. हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने बिल को 427-1 के अंतर से मंजूरी दी, जबकि सीनेट ने भी इसे बिना विरोध सर्वसम्मति से पारित कर दिया. दरअसल, जब कोई बिल संसद के दोनों सदनों से पास हो जाता है, तो वह राष्ट्रपति के पास जाता है. यदि ट्रम्प चाहते तो इस पर साइन नहीं कर सकते थे, चूंकि दोनों सदन में यह बहुत अंतर से पास हुआ था. ऐसे में ट्रम्प के पास कोई विकल्प नहीं बचा था.

कल हो सकती है तस्वीरें जारी (Why DOJ Is Releasing Epstein Files Now)
अब नियम के मुताबिक 30 दिन के भीतर न्याय विभाग (DOJ investigation) को एपस्टीन से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करनी हैं. यह तारीख 18 दिसंबर को पूरी हो रही है. कुल कितनी फाइलें रिलीज होंगी, इसका कोई तय या आधिकारिक आंकड़ा अभी घोषित नहीं किया गया है, लेकिन यह आंकड़ा बहुत बड़ा हो सकता है. न्याय विभाग खुद कह चुका है कि उसके पास एपस्टीन से जुड़ा एक ‘बहुत बड़ा आर्काइव’ है, यानी फाइलों की संख्या हजारों से लेकर लाखों पेज तक हो सकती है.
अब एपस्टीन से जुड़े सभी रिकॉर्ड पब्लिक होने में सिर्फ 2 दिन बाकी हैं. ऐसे में अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में राजनीतिक और कारोबारी इलाकों में हलचल तेज हो गई है. अब तक किसी भारतीय नागरिक या भारतीय नेता-उद्योगपति का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है.
-भारत एक्सप्रेस
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