Bharat Express DD Free Dish

गोवा मुक्ति दिवस पर अमित शाह ने याद दिलाया ‘परमिट’ वाला दौर, बोले- इन महान नायकों की बदौलत मिली 451 साल की गुलामी से आजादी

क्या आप जानते हैं कि आजादी के बाद भी सालों तक भारतीयों को गोवा जाने के लिए इजाजत लेनी पड़ती थी? अमित शाह ने आज उन नायकों को नमन किया जिन्होंने इस अपमानजनक व्यवस्था को खत्म कर गोवा को भारत में मिलाया.

Amit Shah, Goa Liberation Day

Goa Liberation Day: आज वही दिन है जब गोवा की हवाओं में 451 साल बाद पहली बार आजादी की महक घुली थी. बहुत से लोग शायद इस बात से वाकिफ न हों, लेकिन 1947 में जब पूरा देश जश्न-ए-आजादी मना रहा था, तब भी गोवा गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था. आज के दिन ही साल 1961 में ‘ऑपरेशन विजय’ के जरिए गोवा, दमन और दीव को पुर्तगाली शासन से आजाद कराकर भारत का अभिन्न हिस्सा बनाया गया था.

इस खास मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन वीर सेनानियों को याद किया है, जिनकी जिद और कुर्बानी ने भारत के नक्शे को पूर्णता दी.

“कभी गोवा जाने के लिए भी परमिट लगता था?”

गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए आज की पीढ़ी को एक बेहद चौंकाने वाली हकीकत से रूबरू कराया. उन्होंने लिखा कि आज हम भले ही बिना रोक-टोक गोवा घूमने निकल जाते हैं, लेकिन 1961 तक स्थिति ऐसी नहीं थी. उस दौर में किसी भी भारतीय को अपने ही देश के इस हिस्से यानी गोवा में कदम रखने के लिए बाकायदा ‘परमिशन’ (अनुमति) लेनी पड़ती थी.

अमित शाह ने उन गुमनाम और महान नायकों का जिक्र किया जिनके नाम शायद इतिहास की मुख्यधारा की किताबों में कहीं खो गए हैं. उन्होंने प्रभाकर वैद्य, बाला राया मापारी, नानाजी देशमुख और जगन्नाथ राव जोशी जैसे क्रांतिकारियों को नमन किया. गृहमंत्री ने कहा, “इन महान विभूतियों ने अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की और गोवा की मिट्टी को फिरंगियों से मुक्त कराने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी. हमारे देशभक्तों के अथाह बलिदानों के बाद ही गोवा भारत का अटूट हिस्सा बन सका.”

451 साल का संघर्ष और 36 घंटे की जांबाजी

गोवा की आजादी का इतिहास जितना संघर्षपूर्ण है, उसका अंत उतना ही साहसिक था. जब कूटनीति काम नहीं आई, तो भारतीय सेना ने मोर्चा संभाला. महज 36 घंटे चले सैन्य अभियान के सामने पुर्तगाली सेना को आत्मसमर्पण करना पड़ा. अमित शाह ने उन सभी ‘महान आत्माओं’ के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस आजादी के लिए जेल की यातनाएं सहीं और निर्वासन का दंश झेला.

ये भी पढ़ें- गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने वीरों के अदम्य साहस को किया सलाम, आज हुआ था 451 साल की गुलामी का अंत

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read