नए साल की दस्तक के साथ ही जहां पूरी मायानगरी जश्न की तैयारियों में डूबी है, वहीं मुंबई पुलिस ने नशे के सौदागरों की नींद हराम कर दी है. शहर को ड्रग्स के चंगुल से छुड़ाने के लिए मुंबई पुलिस ने इस साल एक ऐसी जंग छेड़ी, जिसके नतीजे देख ड्रग सिंडिकेट के होश उड़ गए हैं. पुलिस ने साल भर की मेहनत का हिसाब साझा करते हुए बताया है कि उन्होंने करोड़ों की ड्रग्स जब्त कर नशीली दवाओं के नेटवर्क को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है.
आंकड़ों में पुलिस की स्ट्राइक
मुंबई पुलिस द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 814 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कीमत की ड्रग्स जब्त की गई है. यह कोई छोटी-मोटी रकम नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि शहर में नशे का काला कारोबार कितनी गहराई तक फैला हुआ था. पुलिस ने पूरे साल में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कुल 1,096 मामले दर्ज किए.
सिर्फ केस दर्ज करना ही काफी नहीं था, पुलिस ने एक्शन लेते हुए उन लोगों को सलाखों के पीछे पहुँचाया जो युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे थे. इस साल अब तक कुल 1,386 ड्रग तस्करों और पेडलर्स को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि मुंबई की सड़कों पर अब ड्रग्स बेचना मौत को दावत देने जैसा होगा.
लोकल से ग्लोबल तक फैले थे तार
मुंबई पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि यह नेटवर्क सिर्फ शहर की गलियों तक सीमित नहीं था. पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में इंटरस्टेट (अंतरराज्यीय) और इंटरनेशनल (अंतरराष्ट्रीय) कनेक्शन भी सामने आए हैं. कुछ ड्रग्स की खेप विदेशों से समुद्री या हवाई मार्ग के जरिए मुंबई लाई जा रही थी, तो कुछ को पड़ोसी राज्यों की फैक्ट्रियों में तैयार कर शहर में खपाने की साजिश थी. लेकिन पुलिस के ‘एंटी नारकोटिक्स सेल’ और स्थानीय थानों की सतर्कता ने इन सिंडिकेट्स की कमर तोड़ कर रख दी है.
नए साल के जश्न पर पुलिस की पैनी नजर
दिसंबर का महीना आते ही मुंबई में पार्टियों का दौर शुरू हो जाता है. ऐसे में ड्रग्स की डिमांड भी बढ़ जाती है. मुंबई पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस साल न केवल बड़ी मछलियों को पकड़ा है, बल्कि सप्लाई चेन को भी काफी हद तक ध्वस्त कर दिया है. पुलिस अब सादे कपड़ों में पब, बार और उन जगहों पर नजर रख रही है जहां नए साल की पार्टियों का आयोजन होना है.
पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि जश्न मनाइए, लेकिन कानून के दायरे में रहकर. अगर कोई भी नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री या सेवन में लिप्त पाया गया, तो उसकी जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी. 814 करोड़ की यह जब्ती इस बात का सबूत है कि मुंबई पुलिस अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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