Shashi Tharoor: कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने दिग्विजय सिंह के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने आरएसएस से बहुत कुछ सीखने की जरूरत की बात की थी. थरूर ने कहा कि पार्टी में अनुशासन होना चाहिये. हमको खुद से भी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है.
बता दें कि, शनिवार को दिग्विजय सिंह ने आरएसएस को लेकर कहा कि हमें आरएसएस से सीख लेने की जरूरत है. हालांकि वो बाद में अपने बयान से पलट गए.
हमारा 140 सालों का इतिहास…
शशि थरूर ने आगे कहा कि आरएसएस और भाजपा की संगठन शक्ति काफी मजबूत है. हमारा 140 सालों का इतिहास है. हम बहुत कुछ सीख सकते हैं. पार्टी में अनुशासन का होना बहुत जरूरी है.
#WATCH | Delhi | On Congress leader Digvijaya Singh praising the organisational strength of the RSS, Congress MP Shashi Tharoor says, “Even I want our organisation to strengthen. There should be discipline in our organisation. Digvijaya Singh can speak for himself…” pic.twitter.com/VuawKAwRim
— ANI (@ANI) December 28, 2025
दिग्विजय के बयान को थरूर का समर्थन
पत्रकारों के द्वारा जब दिग्विजय सिंह से संबंधित सवाल किया गया तो थरूर ने परोक्ष रूप से उनका समर्थन करते हुए कहा कि इस बारे में दिग्विजय सिंह ही बोल सकते हैं. हम दोनों मित्र हैं और बातचीत करना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमें संगठन को मजबूत करना होगा.
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दिग्विजय सिंह ने क्या कहा था?
शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने पीएम मोदी से जुड़ी पुरानी तस्वीर शेयर की. जिसमें लालकृष्ण आडवाणी, प्रमोद महाजन और आनंदी बेन पटेल कुर्सी और सोफे पर बैठे हैं, जबकि नरेंद्र मोदी एक कार्यकर्ता की तरह जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के तमाम आला नेताओं को टैग करते हुए लिखा-
Quora site पर मुझे यह चित्र मिला. बहुत ही प्रभावशाली है. किस प्रकार RSS का ज़मीनी स्वयं सेवक व जनसंघ, BJP का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना. यह संघटन की शक्ति है. जय सिया राम.
उधर कांग्रेस नेता मणिरत्नम टैगोर दिग्विजय के द्वारा दिये गए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते-देते आपा खो बैठे और आरएसएस की तुलना अलकायदा से कर दी. उन्होंने कहा कि आरएसएस और अलकायदा दोनों का काम नफरत फैलाने का है. हम गांधी की पार्टी वाले हैं. हमें उनसे कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है.
-भारत एक्सप्रेस
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